बिहार में इस वर्ष मॉनसून के दौरान औसत से कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष उनके मुकाबले अब तक करीब 36 फीसदी कम वर्षा रिकार्ड की गई है। आज शुक्रवार 18 सितम्बर शुक्रवार को पटना मौसम केंद्र ने राज्य के 19 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान वर्षा के साथ इन जिलों के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। कहा गया कि प्रदेश के आधे हिस्से में तेज बारिश होगी, तो वहीं बाकी आधे हिस्से में धूप खिली रहेगी।

बिहार में इस साल औसत से कम हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय और लखीसराय में मौसम का असर दिखेगा और तेज बारिश के साथ 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इन सभी जिलों के लिए बारिश का
येलो अलर्ट जारी करने के साथ ही वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है। वहीं राजधानी पटना में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दिनभर में बारिश या गरज-चमक के एक से दो दौर देखने को मिल सकता है। यहां अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार इस मॉनसून सीजन में बिहार में अब तक सामान्य से करीब 36% कम बारिश दर्ज की गई है।
बताया गया कि राज्य में सामान्य बारिश का आंकड़ा 906.2 मिमी होनी चाहिए था, जबकि अब तक सिर्फ 581.6 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। वहीं बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बेगूसराय में 58 मिमी, बक्सर में 53 मिमी, सीवान में 33 मिमी, गया में 32 मिमी और पटना में 22 मिमी बारिश हुई है। पूरे राज्य में एक समान बारिश नहीं होने के कारण कई इलाकों में लोग गर्मी से परेशान हैं, दूसरी तरफ राज्य में बाढ़ की वजह से अब तक करीब 50 लाख लोग प्रभावित हो चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 18 सितंबर को पूरे राज्य में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। 19 सितंबर से कोई बड़ा अलर्ट तो नहीं है लेकिन स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश हो सकती है।19 सितंबर के आसपास अंडमान सागर में एक नया निम्न दबाव बनने की संभावना है जिसके बाद मौसम में फिर बदलाव आ सकता है।
