बिहार के तीन बड़े अफसर एक साथ छुट्टी पर चले गए हैं। इनमें BPSC के चेयरमैन रवि परमार, बिहार DGP विनय कुमार और BPSSC यानी पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष केएस द्विवेदी शामिल हैं। बिहार के तीन बड़े अफसरों के इस तरह एकसाथ अवकाश पर जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही। वैसे तीनों ने लंबी छुट्टी पर जाने के अलग-अलग और निजी कारण बताए हैं। परंतु सियासी गलियारे में पुलिस विभाग और परीक्षा आयोगों की कमान संभालने वाले अधिकारियों के इस कदम से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसबीच खबर है कि रवि परमार के छुट्टी पर जाने के बाद सरकार ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की कमान सीनियर आईएएस अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा को सौंपी है।
1992 बैच की IAS हरजोत कौर अपनी कड़क प्रशासनिक शैली और कई महत्वपूर्ण पदों पर अपने कार्य अनुभव के लिए जानी जाती हैं। उनको दी गई बिहार लोक सेवा आयोग के नेतृत्व की यह जिम्मेदारी बेहद अहम मानी जा रही है। मौजूदा समय में बिहार में BPSC की बहालियों को लेकर काफी बवाल मचा हुआ है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण आयोग की जिम्मेदारी मिलने के बाद हरजोत कौर के लिए राज्य में पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध परीक्षा प्रक्रियाओं को संचालित करने की बड़ी चुनौतियां हैं। हालांकि उनकी कार्यक्षमता और शैली को देखते हुए प्रशासनिक गलियारों में उनकी नियुक्ति को आयोग की कार्यप्रणाली को अधिक मजबूत बनाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार कैडर की IAS अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा ने अभी तक राज्य के विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहते हुए कई अहम जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। अपने 34 साल के सर्विस कैरियर में उन्होंने कटिहार और बेगूसराय जैसे जिलों में बतौर डीएम कार्य करने के अलावा वे महिला एवं बाल विकास निगम की MD रह चुकी हैं। इसके अलावा हरजोत कौर को खान भूतत्व विभाग और समाज कल्याण विभाग में अपर मुख्य सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का भी अनुभव है। हरजोत कौर ने राज्य और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान भी कई प्रमुख विभागों को संभाला है। फिलहाल वे बिहार राजस्व बोर्ड में चेयरमैन-सह-सदस्य के पद पर कार्यरत हैं। हरजोत कौर की गिनती प्रशासन में कड़क और स्पष्टवादी अधिकारियों में होती है। अब BPSC अध्यक्ष के तौर पर उनके सामने परीक्षाओं का पारदर्शी संचालन, समय पर परिणाम जारी करना और अभ्यर्थियों के विश्वास को बनाए रखना सबसे प्रमुख प्राथमिकताएं होंगी।
