बिहार के डीजीपी और बीपीएसएससी के अध्यक्ष लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। उनकी जगह सीनियर आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को डीजीपी की कमान सौंपी गई है। प्रीता वर्मा 1991 बैच की बिहार कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं और वे पूर्व में कई अहम पदों पर अपनी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। इसके साथ ही बिहार पुलिस के शीर्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाली प्रीता वर्मा को अपने सेवाकाल में कई अहम पुरस्कार भी मिल चुके हैं। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी विनय कुमार को 15 सितंबर से पांच अक्टूबर तक छुट्टी की मंजूरी दी गई है। यह अवकाश अखिल भारतीय सेवा नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 में निहित प्रावधानों के तहत मंजूर किया गया है।
राजस्थान की रहने वाली हैं प्रीता वर्मा
विनय कुमार के अवकाश पर जाने के बाद होमगार्ड व फायर सर्विसेज की डीजी और 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को कार्यकारी डीजीपी बनाया गया है। प्रीता वर्मा राजस्थान की रहने वाली हैं और बिहार में कार्यकारी डीजीपी की कमान संभालने वाली वे पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गई हैं। वह विनय कुमार के बाद बिहार की सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं। प्रीता वर्मा को पुलिस सेवा में तीन दशक का अनुभव प्राप्त है। मौजूदा डीजीपी विनय कुमार का कार्यकाल इसी साल 12 दिसंबर को पूरा हो रहा है। चर्चा यह भी है कि प्रीता वर्मा को मार्च तक डीजीपी का प्रभार दिया जाएगा। इसके बाद मार्च में बिहार को स्थायी डीजीपी मिलेगा।
प्रीता वर्मा की वर्तमान जिम्मेदारी डीजी, होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा बिहार की है. जुलाई 2026 में बिहार सरकार के बड़े प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी. इससे पहले वह बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रही थीं.अब डीजीपी विनय कुमार के अवकाश पर जाने के बाद प्रीता वर्मा को उनके मौजूदा पद से हटाया नहीं गया है. वह होमगार्ड एवं अग्निशमन सेवा की जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रभारी डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगी. यह व्यवस्था विनय कुमार की छुट्टी की अवधि तक रहेगी.
15 सितंबर से 5 अक्टूबर तक संभालेंगी डीजीपी का काम