राजधानी पटना के पालीगंज स्थित सिगोड़ी थाना परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक मामले में पूछताछ के लिए लाए गए 30 वर्षीय युवक अजय मांझी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक थाना परिसर स्थित चौकीदार कक्ष में फंदे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों के बीच अफरातफरी मच गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक अजय मांझाी की पत्नी काजू देवी ने पुलिस पर उसके पति को प्रताड़ित करने और उससे 50 हजार रुपए डिमांड करने का आरोप लगाया है। पत्नी का कहना है कि उसके पति ने पुलिस हिरासत से देर रात फोन कर बताया था कि पुलिस 50 हजार रुपये मांग रही है। रुपये देने पर ही उसे रिहा किया जाएगा। पत्नी ने उसके पास पति के साथ हुई बातचीत की फोन रिकॉर्डिग होने का भी दावा किया है।
पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे
इधर थाने में युवक की मौत की सूचना मिलते ही सिटी एसपी वेस्ट, पालीगंज एसडीपीओ और पालीगंज एसडीएम सिगोड़ी थाना पहुंचे। अधिकारियों ने थाना परिसर और घटनास्थल का जायजा लिया। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है। अजय मांझी गया जिले के चाकंद थाना क्षेत्र का निवासी था। उसके साथ महकार थाना क्षेत्र के बिजोपुर निवासी रंजन कुमार और जहानाबाद के इब्राहिमपुर निवासी विष्णुदयाल को पुलिस गश्त के दौरान पकड़कर थाने लाई थी। एसपी वेस्ट ने बताया कि तीनों को कांड संख्या 173/26 में पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। थाने में तीनेां को एक कमरे में रखा गया था। उसी कमरे में एनबीडब्ल्यू के मामले में गिरफ्तार कुछ अन्य आरोपित भी थे। निगरानी की जिम्मेदारी चौकीदार को दी गई थी। तड़के चार बजे अजय मांझी उस कमरे में फंदे से झूलता हुआ पाया गया।
50 हजार मांगने और पिटाई का आरोप
जानकारी के अनुसार बीती शम अजय मांझी एक ठेकेदार अजय यादव की स्कार्पियो पहुंचाने के लिए रंजन और विष्णुदयाल के साथ जा रहा था। रास्ते में स्कार्पियो की एक बाइक से टक्कर हुई। बाइक सवार ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को वाहन समेत सिगोड़ी थाना ले गई। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि तीनों चिकसी की ओर से स्कार्पियो से आ रहे थे। गश्ती कर रही पुलिस की जिप्सी को देखकर उन्होंने वाहन भगाया। पुलिस ने पीछा कर पालीगंज बाजार में तीनों को पकड़ा और पूछताछ के लिए थाने लाई। पुलिस के अनुसार चिकसी के ईंट-भट्ठा संचालक श्याम कुमार और शरद कुमार ने अजय पर बकाया राशि नहीं देने को लेकर आवेदन दिया था। इसी मामले में तीनों को पूछताछ के लिए लाया गया था।
उधर मृतक की पत्नी काजू देवी का आरोप है कि अजय ने देर रात फोन कर बताया था कि पुलिस 50 हजार रुपये मांग रही है। रुपये देने पर गाड़ी और तीनों को छोड़ने की बात कही जा रही थी। रात में इतनी बड़ी रकम का इंतजाम नहीं हो पाने के कारण उसने सुबह पैसे की व्यवस्था करने की बात सोची थी। काजू देवी के अनुसार, अजय ने पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने की बात भी फोन पर बताई थी। उनका आरोप है कि पूछताछ के दौरान पिटाई से अजय की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।