नवादा : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश के आलोक में विद्वान प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविन्द कुमार की अध्यक्षता में व्यवहार न्यायालय, नवादा परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया एवं पक्षकारों के सुलह के आधार पर वादों का निष्पादन किया गया। साथ ही, जिला परिवहन कार्यालय, नवादा में ट्रैफिक चालान का निष्पादन किया गया।
मौके पर विद्वान प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अन्य न्यायिक पदाधिकारियों की उपस्थित में दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मंच का संचालन आकांक्षा आनंद, न्यायिक पदाधिकारी ने अपनी मधुर स्वर में किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्वान प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि लोक अदालत से कोई भी निराश होकर पक्षकार नहीं लौटे। लोग अधिक से अधिक इस अवसर का लाभ उठावें।
सचिव ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय के बोझ को कम करने का सरल तरीका है। लोक अदालत में उभयपक्षों की जीत होती है। सुलहनीय योग्य न्यायालय आधारित कुल 330 मामलों का निष्पादन किया गया तथा प्री-लिटिगेशन के 1646 बैंक के मामलों का निष्पादन किया गया। दूरसंचार के 03, मोटर दुर्घटना के 03, श्रम वाद के 02 एवं ग्राम कचहरी के 28 मामलों का निष्पादन किया गया। साथ ही ट्रैफिक चालान के 799 वादों निष्पादित किए गए तथा वैवाहिक मामलों के वादों का भी निष्पादन किया गया।
इस प्रकार व्यवहार न्यायालय में कुल 1976 मामलों का समझौता राशि ऋणियों से निष्पादन किया गया। इसमें बैंक द्वारा कुल 17765412 रुपये वसूली की गई। मौके पर प्रधान न्यायाधीश गिरधारी उपाध्याय, विशेष न्यायाधीश अनु. जाति-जनजाति संजय कुमार मिश्रा, विशेष न्यायाधीश उत्पाद प्रथम ज्योति कुमारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ग्यारह आशुतोष खेतान, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवम आनन्द भूषण, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी राहुल किशोर, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी चतुर्थ अश्विनी कुमार, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी पंचम लक्ष्मीनाथ, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय चन्द्रभूषण भारती एवं अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी रजत दीप, अनिता कुमारी सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित थे।
भईया जी की रिपोर्ट