नवादा : जिले में ओवरलोडेड बालू वाहनों ने करोड़ों की लागत से बनी सड़क और आइटीआई भवन के संपर्क मार्ग को पूरी तरह तबाह कर दिया है। मामला जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के सिमरकोल-अमावां मार्ग का है। जर्जर सड़क और दो फीट गहरे कीचड़ से आक्रोशित ग्रामीणों ने बालू लदे ट्रैक्टरों और भारी वाहनों को घंटों तक रोककर उग्र प्रदर्शन किया
2016 में निर्मित ग्रामीण सड़क के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आइटीआइ के छात्रों और शिक्षकों का आवागमन लगभग ठप हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, बालू घाट के पास नया कांटा लगने के बाद से ट्रैक्टर, हाइवा और ट्रक जैसे भारी वाहन इसी ग्रामीण सड़क से गुजर रहे हैं। 10 टन से कम क्षमता वाली इस सड़क पर ओवरलोडेड वाहनों के चलने से सड़क बड़े गड्ढों और कीचड़ में तब्दील हो गया है। हाल ही में ग्रामीणों के विरोध के बाद गड्ढों में नदी के पत्थर डाले गये थे, लेकिन 24 घंटे के भीतर भारी वाहनों ने स्थिति को और बदतर कर दिया।
खराब रास्ते के कारण रोजाना बाइक और साइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और स्कूली वाहन भी खतरे से खाली नहीं। सिमरकोल-अमावां मुख्य मार्ग से सरकारी आईटीआई की दूरी लगभग 500 मीटर है। बिहार सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाये गये इस संस्थान और छात्रावास तक जाने के लिए सड़क पर दो फीट गहरा कीचड़ जमा है। स्थिति यह है कि छात्रों और शिक्षकों को खेतों की पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है। मार्ग पर दोपहिया वाहनों का चलना भी असंभव हो चुका है।
ग्रामीण सावित्री देवी, सुगिया देवी, संगिरा देवी, चिंता देवी, चमेली देवी, लालो देवी समेत दर्जनों महिलाओं ने बताया कि रजौली आईटीआई के बगल में बालू घाट है। बालू घाट से बालू लादकर जाने वाले भारी वाहनों ने रास्ते को इतना खराब कर दिया है कि उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। घर से साफ सुथरा कपड़ा पहनकर लोग निकलते हैं, लेकिन गांव में ही कीचड़ से कपड़े खराब हो जाते हैं। कीचड़युक्त सड़क में चलने से लोग गिरकर गंदे और घायल हो रहे हैं। महिलाओं के साथ साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने 15 दिन पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को आवेदन दिया था बावजूद अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने स्थल का मुआयना तक नहीं किया। बालू ठेकेदारों से की गयी शिकायतें भी बेअसर रही। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ओवरलोडेड वाहनों पर रोक लगाकर सड़क की मरम्मत नहीं करायी, तो उग्र और चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
सिमरकोल के ग्रामीण द्वारा सहयोग शिविर के दौरान शिकायत मिला है। मामले का निष्पादन वरीय पदाधिकारियों द्वारा किया जाना है। बीडीओ ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण सड़क पर 10 टन से अधिक भारी वाहन चलने पर सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त होती है। उन्होंने सड़क का सर्वे करवाकर अपग्रेड करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी लेकर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भईया जी की रिपोर्ट