नवादा : अपर समाहर्ता सह प्रथम अपीलीय प्राधिकार मनोज कुमार पर न्यायालय में उपस्थित पक्षकारों ने असंसदीय शब्दों का प्रयोग, दुर्व्यवहार व बगैर पक्ष सुने कार्यालय से जबरन बाहर निकाले जाने का आरोप लगाया है। इससे संबंधित आवेदन केंद्र व राज्य मानवाधिकार आयोग समेत मुख्य सचिव व सामान्य प्रशासन विभाग को भेज जांचोपरांत कार्रवाई सुनिश्चित की गुहार लगायी है। मामला 10 नवंबर की बतायी गयी है।
आरोप है कि मामले से संबंधितो पक्षकार जब समय पर सुनवाई के लिए अपर समाहर्ता कार्यालय में उपस्थित हुए तो देखते ही वे भड़क उठे। न केवल पक्षकारों के साथ असंसदीय शब्दों का प्रयोग किया बल्कि आग्रह के बावजूद सुनवाई करने से इंकार करते हुए जबरन कार्यालय कक्ष से बाहर जाने से मजबूर कर दिया। ऐसे में न्याय मिलना तो दूर बल्कि पक्षकारों को न्याय से बंचित रहने की संभावना है। अपर समाहर्ता के इस प्रकार के व्यवहार से जिले के नागरिकों में असंतोष व नाराजगी देखी जा रही है।
बता दें इसके पूर्व निवर्तमान अपर समाहर्ता के पेशकार श्यामनंदन सिंह पर सिरदला प्रखंड क्षेत्र के एक महिला से उनके पक्ष में फैसला दिलाने के एवज में एक लाख रुपए रिश्वत की मांग का आडियो वायरल हुआ था। तब यह समाचारों की सुर्खियों में आया था। शिकायत उपर तक पहुंची थी। उक्त प्रकरण सामने आने के बाद भले ही कार्रवाई न हुई लेकिन उनका तबादला कर दिया गया। अब जब नये अपर समाहर्ता के रूप में मनोज कुमार ने पदभार ग्रहण किया तो इनके व्यवहार ने लोगों को मायूस किया है। अब जब मामला मानवाधिकार आयोग समेत मुख्य व सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंची है तो अगले जांच का इंतजार हर किसी को रहेगा। ऐसे जिले में अपर समाहर्ता के कार्यकलापों की चर्चाओं का बाजार गर्म है। मानवाधिकार व अन्य अधिकारियों को भेजी गई शिकायतों की प्रति पत्रकारों को उपलब्ध कराई गई है।
भईया जी की रिपोर्ट