प्रशांत किशोर ने एकबार फिर बीजेपी को उसी के गढ़ में चुनौती देने का मन बना लिया है। खबर है कि पीके की जन सुराज पार्टी बिहार विधान परिषद चुनाव में भाजपा के 30 साल पुराने गढ़ पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने चाणक्य कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ दिव्या ज्योति को यहां से पार्टी प्रत्याशी बनाने का फैसला किया है। दिव्या ज्योति ने हाल ही में जन सुराज का दामन थामा है। प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद अब संभवत: भाजपा को ही मेन टार्गेट बना लिया है। ऐसे में भाजपा के नवल किशोर यादव के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी मैदान में आ जाने से मुकाबला दिलचस्प और कांटे का हो जाएगा। अगर ऐसा होता है तो मुकाबला सिर्फ एक सीट का चुनाव ही नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा के लंबे प्रभाव वाले इलाके में जन सुराज की बड़ी राजनीतिक सेंध भी माना जाएगा।
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना के साथ नालंदा और नवादा जिले शामिल हैं। यह सीट सिर्फ पटना शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि तीन जिलों के शिक्षक मतदाताओं का राजनीतिक समीकरण यहां निर्णायक होता है। बांकीपुर की तरह ही इस सीट को भी भाजपा का कोर वोट बैंक माना जाता है। इसलिए जन सुराज का यहां उम्मीदवार उतारना सिर्फ एक MLC सीट लड़ना नहीं, बल्कि भाजपा के मनोबल पर सीधा हमला है। इस सीट की सबसे बड़ी राजनीतिक कहानी भाजपा के नवल किशोर यादव का लंबा दबदबा है। 1996 से भाजपा के नवल किशोर यादव इस सीट से लगातार 5 बार जीतते आ रहे हैं। पिछले कई चुनावों से इस सीट पर उनकी पकड़ बनी हुई है। ऐसे में दिव्या ज्योति की एंट्री को सिर्फ एक नए उम्मीदवार का मैदान में उतरना नहीं, बल्कि लंबे समय से स्थापित राजनीतिक समीकरण को चुनौती देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बांकीपुर में विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा को उसके घर में हराया था। अब पटना शिक्षक सीट पर वही फॉर्मूला दोहराने की कोशिश उनकी है। एक महिला, शिक्षाविद और भूमिहार चेहरा देकर जन सुराज भाजपा के कोर वोट के समीकरण में सेंध लगाना चाहता है। दिव्या ज्योति के लिए चुनौती सिर्फ टिकट हासिल करना नहीं होगा, बल्कि उनकी असली परीक्षा पटना, नालंदा और नवादा के शिक्षक मतदाताओं के बीच संगठन खड़ा करने और अपनी पहचान को वोट में बदलने की होगी। वहीं नवल किशोर यादव के सामने अपने पुराने प्रभाव को बनाए रखने की चुनौती होगी। सूत्रों के अनुसार आगामी विप चुनाव के लिए जन सुराज की 8 सीटों में से 5 पर नाम तय हो चुके हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय MLC अफाक अहमद को फिर से उतारा जा सकता है। राजद की तरफ से भी इस सीट पर परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ संजीव को उतारने की चर्चा है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय होने के पूरे आसार हैं।