-धनार्जय नदी से निकली भव्य कलश यात्रा, वृंदावन के कथावाचक कराएंगे अमृतपान
नवादा : जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत रजौली पूर्वी पंचायत स्थित सरमसपुर गांव में धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल के बीच भव्य श्री कृष्ण जन्मोत्सव महोत्सव सह श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। यह पावन अनुष्ठान सरमसपुर गांव की ऐतिहासिक एवं धार्मिक मान्यता प्राप्त लोमष ऋषि तपोस्थली पहाड़ी की तलहटी में आयोजित किया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठान के प्रथम दिन गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई।

धनार्जय नदी से भरा गया पवित्र जल, कलश स्थापित:-
कलश यात्रा रजौली स्थित प्रसिद्ध राजशिवाला के समीप बहने वाली पवित्र धनार्जय नदी के तट पर पहुंची। सैकड़ों महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था के साथ धनार्जय नदी से पवित्र जल भरकर कलश उठाए। इसके उपरांत जय श्री कृष्ण और हर-हर महादेव के जयघोष के साथ कलश यात्रा यज्ञ स्थल पर पहुंची, जहां आचार्यों द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक परंपरा के साथ कलश स्थापित कराए गए।
4 से 10 सितंबर तक वृंदावन के कथावाचक कराएंगे कथा का रसपान:-
लोमष ऋषि तपोस्थली पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 4 सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर 10 सितंबर 2026 तक निरंतर चलेगी।

कथावाचक: श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, जीवन दर्शन एवं श्रीमद्भागवत महापुराण का रसपान कराने के लिए वृंदावन धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित घनश्याम बाबा शास्त्री जी पहुंचे हैं।
कथा का समय: – प्रतिदिन संध्या 06:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक प्रवचन और भजन-कीर्तन का सत्र चलेगा।

सजावट:- पूरे तपोस्थल और आसपास के ग्रामीण अंचलों को भव्य तोरण द्वारों, रंग-बिरंगी पताकाओं और आधुनिक दूधिया रोशनी से सजाया गया है।
जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों व आयोजन समिति की सक्रिय भागीदारी
धार्मिक महोत्सव के सफल संचालन में स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का सराहनीय योगदान देखने को मिल रहा है। रजौली पूर्वी पंचायत की मुखिया संजय यादव, आयोजन समिति के प्रमुख राजेश महात्मा तथा धामुचक निवासी राजा कुमार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही सरमसपुर गांव के वार्ड सदस्य रंजन यादव, राजेंद्र यादव, विद्यासागर, कौशल, बबलू और दिलीप लगातार सक्रिय हैं। आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में धामुचक के शिक्षक गोल्डेन व आकाश सहित समस्त ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और महाप्रसाद वितरण के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
भईया जी की रिपोर्ट
