नवादा : जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रहे 55,698 पेंशनधारियों ने अब तक अपना भौतिक सत्यापन यानी जीवित प्रमाण पत्र जमा नहीं कराया है, जिस कारण से उनकी पेंशन की राशि रुक सकती है। जिला प्रशासन व सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा बार-बार दी जा रही हिदायत के बावजूद जिले में बड़ी संख्या में लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन लंबित है। विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जिले के सभी 14 प्रखंडों को मिलाकर कुल 2,86,128 लाभुक पंजीकृत हैं। इनमें से 55,698 लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन अब तक नहीं हो सका है। यदि समय रहते इन लाभुकों ने अपना जीवन प्रमाणीकरण पूरा नहीं कराया, तो वे सरकारी पेंशन की राशि से पूरी तरह वंचित रह सकते हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सबसे खराब स्थिति सदर प्रखंड , वारिसलीगंज और अकबरपुर की है। सदर में कुल 37,469 लाभुकों में से सर्वाधिक 8,618 लाभुकों का सत्यापन नहीं हुआ है। वारिसलीगंज में कुल 30,970 लाभुकों में से 6,506 लाभुक सत्यापन से बाहर हैं, जबकि अकबरपुर में 28,293 कुल लाभुकों में 5,305 का प्रमाणीकरण होना शेष है। कम आबादी वाले प्रखंडों काशीचक और गोविन्दपुर में भी बड़ी संख्या में लाभुक अब तक अपने नजदीकी सीएससी या प्रखंड कार्यालय नहीं पहुंचे हैं।
लाभुकों की लापरवाही से बायोमेट्रिक जीवित प्रमाण पत्र (ई-केवायसी) न कराने की स्थिति में पेंशन रुकने का खतरा जिले के अनेक पेंशनधारकों पर मंडरा रही है। जिले में प्रखंडवार स्थिति यह है कि अकबरपुर में कुल 28,293 लाभुक हैं जिनमें से 5,305 का सत्यापन बाकी है। गोविन्दपुर में 11,363 में से 2,222 का सत्यापन बाकी है। हिसुआ में 17,460 में से 3,067 का सत्यापन बाकी है। इसी प्रकार, काशीचक में 9,160 में से 1,769, कौआकोल में 23,451 में से 4,404, मेसकौर में 13,760 में से 2,278, नारदीगंज में 17,647 में से 3,139, नरहट में 14,227 में से 2,664, नवादा सदर में 37,469 में से 8,618, पकरीबरावां में 21,631 में से 4,289, रजौली में 18,275 में से 3,120, रोह में 20,520 में से 3,576, सिरदला में 21,902 में से 4,741 तथा वारिसलीगंज प्रखंड में कुल 30,970 लाभुकों में से 6,506 का बायोमेट्रिक सत्यापन लंबित है। पारदर्शी व्यवस्था बनाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए यह भौतिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। विभागीय हिदायत है कि लाभुक अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, प्रखंड कार्यालय या पंचायत स्तरीय शिविर में आधार कार्ड और बैंक पासबुक के साथ जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं।
सरकार की ओर से वृद्धावस्था, विधवा तथा दिव्यांगता पेंशन पाने वाले सभी पेंशनधारियों का वार्षिक भौतिक सत्यापन पारदर्शी व्यवस्था बनाने के लिए अनिवार्य किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मृत या अयोग्य लाभुकों की पहचान कर फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है, ताकि पात्र लाभुकों को ही योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। सत्यापन के लिए पेंशनधारी अपने नजदीकी वसुधा केंद्र यानी कॉमन सर्विस सेंटर, प्रखंड कार्यालय अथवा पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे विशेष शिविरों में जाकर अपना बायोमेट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन) करा सकते हैं। इस कार्य के लिए मुख्य रूप से आधार कार्ड, बैंक पासबुक और पेंशन विवरण यानी ई-लाभार्थी आईडी जैसे आवश्यक दस्तावेज की जरूरत पड़ेगी।
भईया जी की रिपोर्ट