जन सुराज संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक PK (प्रशांत किशोर) की बिहार के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ हाल में एक तस्वीर सामने आई थी। इस तस्वीर पर विवाद खड़ा होने के बाद अब मुख्य सचिव कार्यालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। सफाई में कहा गया है कि PK ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत से अलग से विजिटर्स रूम में मुलाकात की थी। उसी दौरान मुख्य सचिव के कक्ष में पहले से ही कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अन्य बैठक चल रही थी। बताया गया कि प्रशांत किशोर (PK) ने 20 अगस्त को पत्र लिखकर मुख्य सचिव से मिलने का समय मांगा था। उन्हें 27 अगस्त को मुलाकात का समय दिया गया था।
तस्वीर सामने आने के बाद उठे सवाल
मुख्य सचिव कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि 27 अगस्त 2026 को मुख्य सचिव के कक्ष में एक अन्य बैठक चल रही थी, जिसमें कई अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद मुख्य सचिव ने प्रशांत किशोर से विजिटर्स रूम में मुलाकात की, जहां कुछ अधिकारी पहले से मौजूद थे। कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की परंपरा के तहत आमतौर पर बैठकें विजिटर्स रूम में ही आयोजित की जाती हैं। बता दें कि पीके की प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। तस्वीर में प्रशांत किशोर के साथ बिहार के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी नजर आ रहे थे। इनमें पुलिस महानिदेशक (DGP), अपर पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) और पटना के पुलिस आयुक्त समेत कई अधिकारी शामिल थे।
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठे कि एक पहली बार विधायक बने नेता की विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को लेकर राज्य के इतने वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठक में कैसे मौजूद थे। हालांकि, मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि तस्वीर में नजर आ रहे अधिकारियों की मौजूदगी का संबंध प्रशांत किशोर के साथ मुख्य सचिव की निर्धारित मुलाकात से जरूरी नहीं था। दरअसल, राजनीतिक कैरियर शुरू करने के बाद पीके पहली बार बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीत कर विधायक बने हैं। लेकिन किसी पहली बार के विधायक के साथ सरकार के उच्च स्तरीय पदाधिकारियों की ऐसी तस्वीर सामने आने के बाद सियासी हलचल मच गई। इसी के बाद मुख्य सचिव ने प्रेस रिलीज जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया है। दूसरी तरफमुख्य सचिव कार्यालय के स्पष्टीकरण से अलग प्रशांत किशोर ने बैठक के बारे में जो जानकारी दी थी, उसमें उन्होंने इसे अपने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े गैर-पुलिस और नागरिक मुद्दों पर केंद्रित बताया था।
