नवादा : जिले में साइबर पुलिस और वारिसलीगंज पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद साइबर अपराध का बढ़ता ग्राफ पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के सख्त निर्देश पर पुलिस ने विशेष छापेमारी अभियान चलाकर ठगी के धंधे में संलिप्त तीन साइबर अपराधियों को वारिसलीगंज शहर के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों के पास से ठगी में इस्तेमाल पांच एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 16 हजार 500 रुपये नकद, दो एटीएम कार्ड और कस्टमर डाटा बरामद किया गया है।

वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने बताया कि पुलिस ने शहर के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। एक आरोपित को भीड़भाड़ वाली सब्जी मंडी से, दूसरे को मेन रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पास से और तीसरे को फौदी साव गली स्थित एसबीआई एटीएम के पास से पकड़ा गया।
पुलिस ने गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल पांच एंड्रॉयड मोबाइल, एक कीपैड मोबाइल, 16 हजार 500 रुपये नकद, दो एटीएम कार्ड और कस्टमर डाटा जब्त किया है। पुलिस बरामद मोबाइल और अन्य सामान के आधार पर साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
गिरफ्तार साइबर अपराधियों की पहचान वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मकनपुर गांव निवासी सुनील प्रसाद के पुत्र मोहित कुमार, माफी गली मोहल्ला निवासी साजो साव के पुत्र रोहित कुमार और शेखपुरा जिले के तारे गांव निवासी बुलक महतो के पुत्र पिंटू कुमार के रूप में की गयी है।

पुलिसिया पूछताछ में गिरफ्तार साइबर अपराधियों ने ठगी के अलग-अलग तरीकों का खुलासा किया। पूछताछ में एक आरोपित ने बताया कि वह महिलाओं को बांझपन दूर करने की दवा उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी करता था। वहीं, दो अन्य आरोपित बजाज और रिलायंस फाइनेंस कंपनियों से लोन दिलाने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते थे।
पुलिस के आवेदन के आधार पर गिरफ्तार तीनों साइबर अपराधियों के विरुद्ध वारिसलीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत भेज दिया। पुलिस साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

भईया जी की रिपोर्ट
