नवादा : नगर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए लगाए गए 180 सीसीटीवी कैमरे लचर व्यवस्था की सुस्ती के शिकार हैं। शहर के करीब 180 प्रमुख स्थानों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं, लेकिन बिजली की व्यवस्था शुरू नहीं होने के कारण इनका संचालन अब तक नहीं हो सका है। ऐसे में अपराध और यातायात पर पैनी नजर रखने की पूरी कवायद फिलहाल कागजों तक सिमटी नजर आ रही है।
शहर में अपराध नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने 180 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयार की थी। कैमरे लगाने की जिम्मेदारी बेल्ट्रॉन कंपनी को दी गई है। लगभग सभी निर्धारित स्थानों पर कैमरे लगाए जा चुके हैं। योजना के अनुसार अप्रैल 2026 में ही कैमरों का संचालन शुरू होना था. इसके लिए जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने बैठक कर संबंधित अधिकारियों को काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया था बावजूद अगस्त का महीना समाप्त होने को है, लेकिन कैमरे अब भी चालू होने का इंतजार कर रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरों के संचालन के लिए शहर में अलग से करीब 45 बिजली मीटर लगाए गए हैं, लेकिन इन मीटरों का समय पर रिचार्ज नहीं होने के कारण बिजली आपूर्ति बंद हो गई। नतीजा यह हुआ कि कैमरे लगने के बावजूद उनकी निगरानी व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। शहर में निगरानी के लिए कैमरे तो तैयार हैं, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए जरूरी बिजली व्यवस्था ही उपलब्ध नहीं है।
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए यातायात थाने में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यातायात थाना प्रभारी विद्याशंकर कुमार ने बताया कि बिजली मीटर के रिचार्ज की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंपी गई है। मीटर रिचार्ज होते ही सभी कैमरों का संचालन शुरू हो जाएगा।
मामले में नगर परिषद के एई राजेश रंजन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं मिली है। इससे संबंधित विभागों के बीच समन्वय पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब कैमरों के संचालन के लिए बिजली व्यवस्था जरूरी है, तो इसके लिए जिम्मेदार विभागों के बीच समुचित समन्वय क्यों नहीं हो सका, यह सवाल भी उठ रहा है?
मामले को लेकर सदर एसडीओ अमित अनुराग ने कहा कि नगर परिषद से बात कर जल्द ही सीसीटीवी कैमरों को चालू कराया जाएगा। अब देखना है कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद शहर को 180 कैमरों वाली हाईटेक निगरानी व्यवस्था कब तक मिल पाती है। फिलहाल 180 कैमरे और 45 बिजली मीटर लगाए जाने के बावजूद शहर की सुरक्षा व्यवस्था की तीसरी ‘आंखें’ बंद पड़ी हैं।
भईया जी की रिपोर्ट