नवादा : जिला सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों यानी पैक्स और व्यापार मंडलों के कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में सहकारिता अभियान को डिजिटल युग से जोड़ते हुए पैक्सों के कंप्यूटरीकरण का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।

आदर्श पैक्स के रूप में विकसित होंगे हर प्रखंड के दो पैक्स
जिले में कुल 187 पैक्स और 14 व्यापार मंडल कार्यरत हैं, जिनमें से 147 पैक्स का कंप्यूटरीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। शेष समितियों के कंप्यूटरीकरण का कार्य भी अगले एक वर्ष में पूर्ण कर लेने की योजना है। कंप्यूटरीकरण की इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद अब अगला बड़ा कदम पैक्स के तमाम सदस्यों का ऑनलाइन डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है।
इसके तहत जिले भर के पैक्स सदस्यों के व्यक्तिगत, पहचान संबंधी और आवासीय दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, ताकि कागजी प्रक्रियाओं के झंझट से मुक्ति मिले और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। जिले में सहकारिता के इस आधुनिक बदलाव से न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ने की उम्मीद जग गयी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के सशक्तीकरण को भी एक नई दिशा मिलना संभावित है।
हस्तलिखित रिकॉर्ड के खोने या हेरफेर की आशंका होगी खत्म
जिला सहकारिता पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि डिजिटल डेटाबेस का उद्देश्य सदस्यों की पूर्ण जानकारी ऑनलाइन दर्ज करना व विभागीय लाभ सीधे पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि अब तक पैक्स में सदस्यों का रिकॉर्ड हस्तलिखित रजिस्टरों में संधारित होता था, जिससे रिकॉर्ड के खोने या उसमें हेरफेर की आशंका बनी रहती थी। अब सभी सदस्यों के पुराने अभिलेखों को अपडेट कर डिजिटल स्वरूप दिया जा रहा है।

इस महाअभियान के तहत पैक्स सदस्यों के मकान और पते से लेकर पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र, बिजली बिल, मोबाइल नंबर, वैवाहिक स्थिति, जाति प्रमाण-पत्र तथा नॉमिनी यानी उत्तराधिकारी का नाम भी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इसके लिए संबंधित पैक्स अध्यक्षों व प्रबंधकों के माध्यम से सदस्यों से आवश्यक दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सहकारिता विभाग ने सदस्यों से अपील की है कि वे स्व-सत्यापित यानी सेल्फ अटेस्टेड दस्तावेजों की प्रति जल्द से जल्द अपने पैक्स कार्यालय में जमा कराएं।
किसानों को सीधे लाभ
पैक्स समितियों को पारदर्शी और वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए कंप्यूटरीकरण प्राथमिक शर्त है। नवादा के 147 पैक्स में यह काम पूरा हो चुका है। अब प्रत्येक सदस्य का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होगा, जिससे किसानों को खाद-बीज वितरण, धान अधिप्राप्ति और ऋण की सुविधा सीधे व बिना किसी बिचौलिए के मिल सकेगी। सदस्यों की सक्रिय भागीदारी से पैक्स का यह डिजिटल रिकॉर्ड अभियान पूरी तरह सफल बनाया जाएगा।

दस्तावेज समय पर जमा न करने पर रुक सकती हैं सुविधाएं डिजिटल रिकॉर्ड से किसानों को अनेक सीधे लाभ होंगे। डीसीओ आलोक कुमार ने बताया कि ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से फर्जी या निष्क्रिय सदस्यों की पहचान आसान होगी और केवल वास्तविक किसान ही सरकारी योजनाओं व पैक्स की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। धान अधिप्राप्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का भुगतान और कृषि ऋण सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा सकेंगे। भविष्य में यदि किसी सदस्य को अपनी जानकारी, पते या नॉमिनी के नाम में संशोधन करना होगा, तो वह ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से सुगमता से हो सकेगा।
भईया जी की रिपोर्ट
