– चिकित्सक क्लिनिक बंद कर फरार
नवादा : जिले में बगैर निबंधन निजी क्लीनिकों का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। चंद क्लिनिकों पर जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई कर भले ही खुद अपनी पीठ थपथपा ले लेकिन धंधा कमने के बजाय दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में नीम हकीम के चक्कर में पड़कर मरीज़ अपनी जान गंवा रहे हैं तो ऐसे क्लिनिकों के पास परिजनों का हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अधिकारियों द्वारा झूठे आश्वासन देकर तत्काल मामले को भले ही दबा दिया जाय लेकिन पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। ताज़ा मामला जिले के गोविंदपुर प्रखंड मुख्यालय का मुख्यालय का है। श्रवण कुमार द्वारा संचालित अनाम निजी क्लीनिक की काली करतूतों के कारण युवक की मौत पर परिजनों ने जमकर बवाल काटा। संचालक क्लिनिक बंद कर फरार होने में सफल रहा।
मृतक के भाई पंकज कुमार ने बताया कि कटैया गजरा गांव के दीलिप कुमार की तबीयत खराब होने के बाद परिजनों ने इलाज के लिए श्रवण कुमार के अनाम निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। चार दिनों तक अपने क्लीनिक में इलाज के नाम पर लगभग पचास हजार रुपए परिजनों से वसूली कर जब मरीज की हालत गंभीर हो गयी तो परिजनों को बताये बगैर पहले नवादा और वहां से पटना भेज दिया।
इस क्रम में मरीज़ की मौत के बाद एम्बुलेंस से मृतक के शव को घर के दरवाजे पर पहुंचा कर बगैर किसी को जानकारी दिए फरार हो गया। जब बीमारी या मौत के कारणों की पूछताछ करने क्लीनिक पहुंचे तो बंद कर फरार हो गया।
परिजनों का आरोप है कि संचालक की लापरवाही से मरीज की मौत हो गयी। सूचना पुलिस को दी गयी है। बावजूद कार्रवाई हो भी पायेगी इसमें परिजनों को संदेह है। बहरहाल मामला चाहे जो हो निजी वह भी अनाम क्लिनिक की काली करतूतों से एक की असमय मौत की जांच व दोषी पर कार्रवाई की आवश्यकता है।
भईया जी की रिपोर्ट
