बिहार सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सात निश्चय-3 के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को वर्ष 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत सरकार हर साल 2.57 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार की ट्रेनिंग देगी। इसमें युवाओं को डिजिटल मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, टैली, भाषा और उद्यमिता जैसे रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया
जाएगा। यही नहीं, इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 430.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दे दी है। इसमें हर साल ढाई लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है और अनुमान है कि इससे सीधे तौर पर युवाओं के लिए 6,436 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब बिहार के युवाओं को बदलते रोजगार बाजार के हिसाब से तैयार किया जाएगा। उन्हें नई तकनीक और आधुनिक क्षेत्रों से जुड़े कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कुशल युवा कार्यक्रम के तहत अब प्रशिक्षण का दायरा पहले से ज्यादा आधुनिक किया जाएगा। युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI और ड्रोन तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा सोलर तकनीक, नेटवर्किंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों को भी प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। इसके अलावा बैंकिंग और टेली सेक्टर से जुड़े जरूरी स्किल भी युवाओं को सिखाए जाएंगे।
इस कौशल प्रशिक्षण के अंतर्गत युवाओं के लिए विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग भी योजना का हिस्सा होगी। इससे उन्हें दूसरे राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। सरकार इस कार्यक्रम के जरिए बिहार के युवाओं को नए दौर के रोजगार से जोड़ना चाहती है। योजना का फोकस सिर्फ डिग्री या पारंपरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि इसमें युवाओं को ऐसी स्किल सिखाने की कोशिश होगी, जिसकी आने वाले वर्षों में बाजार में मांग बढ़ सकती है। इससे उन्हें रोजगार पाने के साथ स्वरोजगार का आसान रास्ता मिल सकता है। सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत बड़े स्तर पर प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है। योजना के दौरान हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।