-अनुसंशा के दो माह बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
नवादा : वैसे तो जिले में शायद ही कोई ऐसा विभाग हो जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला न हो। लेकिन इन सबों के बीच शिक्षा विभाग ने अपना किर्तिमान स्थापित किया है। जी हां! यहां हम बात कर रहे हैं जिले के हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के नसरपुर फुलवरिया प्राथमिक विद्यालय का। यहां प्रधानाध्यापक महिला रंजू कुमारी है। इनके भ्रष्टाचार के आगे शिक्षा विभाग नतमस्तक है। तभी तो बीईओ द्वारा दो माह पूर्व कार्रवाई की अनुसंशा को विभाग के अधिकारियों ने कुड़ेदान में डाल रखा है।
जिले में एमडीएम के लिए विद्यालयों में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया है। रसोई गैस उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी विद्यालय के एमडीएम प्रभारी की होती है। उक्त विद्यालय की एमडीएम प्रभारी प्रधानाध्यापक ने खुद संभाल रखी है। लेकिन यहां न तो रसोई गैस सिलेंडर है न ही वैकल्पिक व्यवस्था। हालात यह है कि विद्यालय के बच्चों के लिए उपलब्ध पाठ्य पुस्तकों का वितरण न कर उपलब्ध करायी गयी पाठ्य पुस्तकों का उपयोग एमडीएम बनाने में किया जा रहा है।
जी हां! ऐसा हम नहीं कह रहे हैं। विद्यालय की महिला रसोईया द्वारा बनाये जा रहे एमडीएम का वीडियो कह रहा है जिसे मैंने प्रशासन को उपलब्ध कराया था। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा वीडियो की जांच में इसकी न केवल पुष्टि की बल्कि दोषी प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई की अनुसंशा की । अनुसंशा के दो माह से अधिक की अवधि व्यतीत होने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर शून्य रहा। ऐसे में दोषी प्रधानाध्यापक का मनोबल बढ़ता जा रहा है जिसका प्रभाव अन्य विद्यालयों पर पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। अब सबसे बड़ा सवाल आखिर गैस सिलेंडर का उपयोग हो कहां रहा है? इसकी राशि डकार कौन रहा है?
इस प्रधान शिक्षक के कारण विद्यालय में प्रत्येक दिन कुछ न कुछ समस्या हो रही है। नित्य दिन ग्रामीणों के साथ झड़प हो रही है जिसके कारण विद्यालय का माहौल बहुत ही खराब हो गया है। ग्रामीणों के द्वारा प्रधान शिक्षक को इस विद्यालय से हटाने की मांग प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से भी की है जिसकी अनुसंशा के बावजूद विभागिय अधिकारियों को बड़ी घटना का इंतजार है।
भईया जी की रिपोर्ट