नवादा : जिले में किडनी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। सदर अस्पताल में मरीजों को प्रतिदिन नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन मरीजों के पास वैध राशन कार्ड या गरीबी रेखा का कार्ड (लाल कार्ड) है, उन्हें इस सेवा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना पड़ता है। सदर अस्पताल में पीपीपी (PPP) मोड पर संचालित इस डायलिसिस केंद्र में प्रतिदिन तीन शिफ्टों में डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है, जबकि बुधवार को यह दो शिफ्टों में उपलब्ध कराई जाती है।
कुल 6 बेड उपलब्ध, पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग व्यवस्था
विभागीय अधिकारी के अनुसार, डायलिसिस यूनिट में कुल 6 बेड की व्यवस्था की गई है।
सामान्य मरीजों के लिए: 5 जनरल बेड
संक्रमित/पॉजिटिव मरीजों के लिए: 1 विशेष बेड
जिले में मधुमेह (Diabetes), उच्च रक्तचाप (Hypertension) और असंतुलित जीवनशैली के कारण किडनी रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है ऐसे में कई मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करानी पड़ती है।
एक मरीज की डायलिसिस में लगता है 4 घंटे का समय
डायलिसिस विभाग के डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि एक मरीज की डायलिसिस प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 4 घंटे का समय लगता है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस प्रक्रिया में आरओ (RO) शुद्ध पानी की भारी खपत होती है।
पानी की खपत: – एक मरीज की डायलिसिस के लिए 120 से 150 लीटर शुद्ध आरओ पानी की आवश्यकता होती है, जिसे तैयार करने में कुल 400 से 500 लीटर पानी खर्च होता है।
आरओ प्लांट की क्षमता:- सदर अस्पताल का आरओ प्लांट प्रति घंटे लगभग 2,000 लीटर शुद्ध पानी तैयार करता है।
डॉक्टर की सलाह: – खान-पान पर दें विशेष ध्यान
डायलिसिस विभाग के डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि राशन कार्ड धारकों व जरूरतमंदों के लिए सदर अस्पताल में यह सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है। उन्होंने लोगों को परामर्श देते हुए कहा कि किडनी की बीमारियों से बचने के लिए अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें और अनहाइजीनिक/जंक फूड के सेवन से बचें। शरीर में किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सक से परामर्श लें।
भईया जी की रिपोर्ट