बांकीपुर चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की पार्टी के कई नेताओं के बीजेपी में शामिल होने के बाद अब आज गुरुवार को पटना में प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में बांकीपुर उपचुनाव में उनकी जमानत जब्त होने का दावा किया गया है। पोस्टर में लिखा गया है— ‘केसी सिन्हा झांकी है, जमानत जब्त होना बाकी है’। इसके अलावा इस पोस्टर में प्रशांत किशोर के सिर पर टोपी और हाथ में नोट दिखाया गया है तथा उस पर लिखा गया है कि वोट नहीं, नोट चाहिए। दरअसल, बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज का साथ गणितज्ञ प्रोफेसर के.सी. सिन्हा ने बीते दिन छोड़ दिया और भाजपा ज्वाइन कर लिया। इसी को लेकर आज गुरुवार को पटना में कई जगह पोस्टल लगाए गए जिनमें कहा गया है कि केसी सिन्हा तो झांकी हैं, जमानत जब्त होना अभी बाकी है।
पोस्टर में प्रशांत किशोर की सिर पर टोपी वाली धुंधली तस्वीर और हाथ में नोट भी दिखाए गए हैं। पोस्टर पर “सौजन्य…बांकीपुर की जनता” लिखा है, लेकिन यह साफ नहीं है कि इन्हें किसने लगवाया है। किसी राजनीतिक दल ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। विदित हो कि बिहार की राजनीति में पोस्टर वार कोई नई बात नहीं है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भी ऐसे पोस्टर देखने को मिले थे। अब बांकीपुर उपचुनाव से पहले फिर पोस्टरों के जरिए राजनीतिक हमला शुरू हो गया है। फिलहाल यह देखना होगा कि इन पोस्टरों पर जनसुराज या प्रशांत किशोर की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।
इन पोस्टरों की खास बात यह है कि इनमें पीके को मुस्लिम टोपी पहने हुए दिखाया गया है। उनके गले में गमछा पड़ा हुआ है। साथ ही हाथ में नोट की गड्डी दिखाई दे रही हैं। इतना ही नहीं, पोस्टर में जनसुराज की जगह धनसुराज लिखा गया है। साथ ही पीके की फोटो के ऊपर यह लिखा गया है कि—’वोट नहीं नोट चाहिए’। मालूम हो कि बांकीपुर में उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होना है। लेकिन इससे पहले ही कल बुधवार को प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के तीन बड़े नेताओं ने एक साथ पार्टी से त्यागपत्र देकर भाजपा ज्वाइन कर लिया। पहली बार चुनावी राजनीति में खुद दांव लगाने उतरे प्रशांत किशोर के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है।