बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी को आज तब एक बड़ा झटका लगा जब पीके विश्वस्त और उनकी पार्टी के दो बड़े चेहरों ने भाजपा का दामन थाम लिया। इनमें 2025 विधानसभा चुनाव में कुम्हार सीट से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके गणित के मशहूर प्रोफेसर केसी सिन्हा और दीघा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले जनसुराज के प्रत्याशी बिट्टू सिंह शामिल हैं। इन दोनों के अलावा खबर है कि 2025 में मनेर विस सीट से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले गोपाल सिंह ने भी पार्टी छोड़ भाजपा ज्वाइन कर लिया है। आज बुधवार को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में जनसुराज के इन नेताओं ने सैकड़ों समर्थकों के साथ बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता ली।
प्रशांत किशोर ने वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में केसी सिन्हा को कुम्हरार विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। उनके अलावा मनेर विधानसभा से जनसुराज के प्रत्याशी रहे गोपाल सिंह और दीघा विधानसभा से उम्मीदवार रहे बिट्टू सिंह ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया। बिट्टू सिंह ने कुछ समय पहले ही एक पत्र जारी कर जनसुराज छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा कर दी थी। इसबीच बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी अपने प्रत्याशी को लेकर जिस तरह की चुनौती का सामना कर रही थी, उसके बीच केसी सिन्हा का जनसुराज छोड़कर पार्टी में शामिल होना बीजेपी के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी अब केसी सिन्हा की क्षेत्रीय पहचान और राजनीतिक प्रभाव का लाभ उठाने की कोशिश करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी कहना है कि केसी सिन्हा को साथ जोड़कर डैमेज कंट्रोल की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि प्रत्याशी नीरज सिन्हा को लेकर परंपरागत वोटरों के बीच बनी नाराजगी या असमंजस को कम किया जा सके और उन्हें फिर से पार्टी के पक्ष में गोलबंद किया जा सके। बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी की जीत का आधार उसका सवर्ण वोट बैंक माना जाता है। इसी वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति के तहत प्रशांत किशोर की टीम मतदाताओं के बीच भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर और यूजीसी नियमों जैसे मुद्दों को उठा रही है। प्रशांत किशोर की ओर से यह संदेश दिया जा रहा है कि कोई भी पार्टी किसी एक वर्ग की नहीं होती, बल्कि सभी दल वोट की राजनीति करते हैं। जन सुराज की टीम भूमिहार (7 फीसदी), ब्राह्मण (7 फीसदी) और राजपूत (5 फीसदी) वोटरों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। लेेकिन अब जनसुराज में सेंधमारी के बाद बीजेपी को उम्मीद है कि केसी सिन्हा के जुड़ने से न केवल क्षेत्र में उसका संगठन मजबूत होगा, बल्कि युवाओं के बीच भी उसकी पकड़ और समर्थन बढ़ेगा।