राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा है कि बेतिया राज की संपत्तियों को राज्य में निहित करने संबंधी अधिनियम 2024 तथा नियमावली 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत छह जिलों में स्थित संपत्तियों के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के तहत छह जिलों में स्थित बेतिया राज की कुल 7,272.16 एकड़ भूमि को बिहार राज्य में निहित किए जाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। सचिव ने बताया कि अधिसूचित भूमि में गोपालगंज, सारण, सिवान, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण जिलों में स्थित संपत्तियों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। इसके अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले की 7,194.56 एकड़, पश्चिम चंपारण जिले की 14.77 एकड़, गोपालगंज जिले की 35.58 एकड़, सारण जिले की 8.47 एकड़, सिवान जिले की 7.29 एकड़ तथा पटना जिले की 11.49 एकड़ भूमि शामिल है।
छह जिलों की भूमि के संबंध में अधिसूचना
राजस्व विभाग के अनुसार, इन अधिसूचित संपत्तियों को पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से बिहार सरकार के अधीन लाया जा रहा है। अधिसूचनाओं में संबंधित अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता संख्या, खेसरा संख्या तथा रकबा का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तथ्यपरक एवं विधिसम्मत तरीके से संपन्न हो सके। विदित हो कि बेतिया राज की संपत्तियां ऐतिहासिक एवं सार्वजनिक महत्व की धरोहर हैं। राज्य सरकार इन संपत्तियों के व्यवस्थित अभिलेखीकरण, संरक्षण तथा राज्यहित में उनके समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सचिव ने कहा कि अधिसूचनाएं जारी होने के साथ ही संपत्तियों के राज्य में निहित होने की प्रक्रिया को कानूनी आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
पारदर्शी व विधिसम्मत प्रक्रिया से कार्रवाई
बेतिया राज की संपत्तियों के संबंध में सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम राज्य की परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भविष्य में इन परिसंपत्तियों का उपयोग विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि जारी सभी अधिसूचनाएं राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होंगी तथा विभाग द्वारा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अधिसूचना प्रकाशन के उपरांत सभी कार्रवाइयां संबंधित जिलों में नियमावली के हिसाब से की जाएंगी।