पटना से सटे बिहटा में आज शुक्रवार की सुबह एक पूर्व मुखिया की बेरहमी से हत्या के बाद लोगों का आक्रोश भड़क उठा। जानकारी के अनुसार राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय सिंह यादव का शव गांव के पास ही स्थित एक खेत के बोरिंग के पास मिला। संजय सिंह यादव एक मामले में पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे थे। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर ही हत्या का आरोप लगाया है। आक्रोशित लोगों ने घटना के विरोध में सड़क जाम और आगजनी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पूर्व मुखिया की हत्या की खबर आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हालात इतने बिगड़ गए थे कि डीएसपी के नेतृत्व में 5 थानों की टीम को मोर्चा संभालना पड़ा। वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। जाम के कारण औरंगाबाद- पटना की तरफ से आने और जाने वाली सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है।
पुलिस पर आरोप, फरार चल रहे थे पूर्व मुखिया
जानकारी के अनुसार मृतक पूर्व मुखिया संजय सिंह यादव पिछले कुछ समय से पुलिस की रडार पर थे। हाल ही में पुलिस ने उनके घर पर छापेमारी भी की थी जिसके बाद से वह पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। इस बीच आज शुक्रवार की सुबह उनका शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद बिहटा थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश करने लगी तो आक्रोशित लोगों ने रोक दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एफएसएल टीम और वरीय पुलिस अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया है।
पूर्व मुखिया की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है और मौके पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, इस मामले में मृतक की बहन ने स्थानीय पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि इस हत्या के पीछे पुलिस का हाथ है। ग्रामीणों के भारी आक्रोश और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। फिलहाल पुलिस अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।