लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य एक बार फिर अपनी ही पार्टी पर भड़क गईं हैं। दरअसल, राजद ने सारण के प्रवक्ता हरेलाल यादव को फेसबुक पर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। अब इसी पर रोहिणी ने भड़कते हुए कहा कि अब सच बोलने वालों के लिए RJD में जगह नहीं रह गई है। सारण के राजद प्रवक्ता हरेलाल यादव को छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किये जाने का कड़ा विरोध करते हुए रोहिणी आचार्य ने X पर एक लंबा पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने इस कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तेजस्वी के करीबी संजय यादव, एमएलसी सुनील सिंह और रमीज का नाम लेकर उन पर जमकर हमला बोला।
रोहिणी ने राजद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए लिखा कि क्या राष्ट्रीय जनता दल में अब पार्टी की भलाई के लिए सच बोलने वालों की कोई जगह नहीं बची है? क्या पार्टी के लिए मजबूती और ईमानदारी से काम करने वालों को अब बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा? उन्होंने आरोप लगाया कि हरेलाल यादव पर अनुशासनहीनता के झूठे आरोप गढ़े गए हैं। उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निकालना उन लोगों की साजिश है, जो खुद पार्टी को लगातार कमजोर कर रहे हैं। इसके लिए रोहिणी ने सीधे तौर पर संजय यादव, सुनील सिंह और रमीज को निशाने पर लिया। उन्होंने लिखा कि ये लोग पार्टी में रहते हुए संगठन के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। राजद अब वैसे लोगों के कब्जे में आ चुका है, जो कहने को तो पार्टी में हैं, लेकिन हकीकत में विरोधियों के इशारे पर काम करते हैं। रोहिणी ने साफ किया कि वह पार्टी को संजय यादव, रमीज और सुनील सिंह जैसे लोगों के चुंगल से छुड़ाने के लिए अपनी आवाज उठाती रहेंगी।
रोहिणी ने यह भी कहा कि वह लालू प्रसाद यादव की बेटी हैं और गलत के सामने कभी नहीं झुकेंगी। साथ ही दावा किया कि उनके साथ खड़े कार्यकर्ता किसी भी निष्कासन की कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। इस बीच राजद की बिहार प्रदेश इकाई ने प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के हस्ताक्षर से जारी कार्यालय आदेश में सारण जिले के बनियापुर थाना क्षेत्र के बरईठा गांव निवासी हरेलाल यादव को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासन का आदेश दिया। आदेश में कहा गया है कि हरेलाल यादव ने अपने फेसबुक अकाउंट पर पार्टी और उसके नेतृत्व के संबंध में अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसे दल-विरोधी गतिविधि, अनुशासनहीनता और पार्टी की मर्यादा के विरुद्ध गंभीर कृत्य माना गया है।