नवादा : जिले के रजौली क्षेत्र में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा कथित न्यू टेक्नोलॉजी से बनाई जा रही सड़क अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग 20 से सेक्टर सी और सेक्टर बी के चिरैला स्कूल होते हुए फिर से एनएच-20 को जोड़ने वाली सड़क पर कीचड़ फैल गया है। हालात ऐसे हैं कि आम लोगों का चलना मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़क के बीचोंबीच बड़े पैमाने पर मिट्टी डाल दी गई है, जिससे पूरी सड़क दलदल में बदल गई है। सुबह टहलने वाले लोग, स्कूली बच्चे और रोजाना आने-जाने वाले राहगीर इस रास्ते से गुजरने में डर महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर यह काम अब मुसीबत का कारण बन गया है।
सूचना पट्ट के अनुसार इस सड़क की लंबाई करीब 1.100 किलोमीटर है और इसके निर्माण के लिए 52.54439 लाख रुपये की राशि स्वीकृत दी गई है। इसमें 35.15460 लाख रुपये निर्माण कार्य के लिए तय हैं, जबकि रखरखाव और संचालन के लिए अलग से बजट का प्रावधान है। संवेदक संजय कुमार द्वारा 12 जून 2025 से शुरू किए गए इस काम को 11 जून 2026 तक पूरा करना था. लेकिन तय समय और भारी बजट के बावजूद सड़क की वर्तमान स्थिति विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। कीचड़ और अव्यवस्था यह संकेत दे रही है कि काम गुणवत्ता के साथ नहीं किया जा रहा।
ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्राम कचहरी हरदिया के सरपंच संतोष कुमार के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण सड़क पर उतर आए और विरोध जताया। प्रदर्शन में अनुज कुमार, करण कुमार, राधाकांत मिश्रा, किशोर साव, भगवान साव, राजू कुमार, दिनेश कुमार, विक्रम कुमार और सनोज कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सरपंच संतोष कुमार ने बताया कि कुछ महीने पहले सड़क पर सीमेंट का काम हुआ था, लेकिन बारिश के समय अचानक मिट्टी डालने से हालत और खराब हो गई। इससे लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस काम का विरोध किया तो ठेकेदार के प्रतिनिधियों ने उन्हें डराने की कोशिश की। ग्रामीणों को एफआईआर और पुलिस कार्रवाई की धमकी दी गई तथा काम जबरन जारी रखा गया। रीना देवी, चिंता देवी, सीमा देवी, सुदमिया देवी, सोनी देवी, रेणु देवी और रंजू देवी ने बताया कि बिना सूचना उनके घरों के सामने कीचड़ फैला दिया गया, जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो गया है।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि काम की देखरेख करने वाले लोग शराब के नशे में रहते हैं। भगवान दास नामक ग्रामीण ने कहा कि संवेदक मौके पर नहीं रहते और उनके कर्मचारी लापरवाही से काम करवा रहे हैं। बारिश के कारण मिट्टी गीली रहने से बच्चे और अन्य लोग फिसलकर गिर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले में अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि चिरैला स्कूल के पास होने के कारण रोज सैकड़ों बच्चे इसी रास्ते से गुजरते हैं और हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच हो, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और सड़क को जल्द ठीक कर सुरक्षित बनाया जाए।
ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि उनकी नई पोस्टिंग है और वह मामले की जानकारी ले रहे हैं। वहीं कनीय अभियंता पंकज कुमार ने कहा कि उन्हें इस बारे में पहले जानकारी नहीं थी, अब जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी। सड़क निर्माण अब विकास के बजाय समस्या का कारण बनता दिख रहा है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर सड़क उपयोग के लायक नहीं है तो यह सीधे तौर पर व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
भईया जी की रिपोर्ट