पटना : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही महागठबंधन के भीतर की दरार खुलकर सामने आ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा इस सीट से रेखा गुप्ता को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस फैसले में ‘गठबंधन धर्म’ की अनदेखी की गई है, जिस पर आरजेडी ने भी जमीनी ताकत का हवाला देकर पलटवार किया है।
कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने RJD के फैसले पर निशाना साधते हुए कहा कि हकीकत सबको पता है कि आरजेडी इस सीट पर एक बार भी चुनाव नहीं जीती है। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि साल 1995 से पहले जब बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र ‘पटना पश्चिमी’ के नाम से जाना जाता था, तब कांग्रेस ने यहाँ तीन बार जीत दर्ज की थी। वामदलों ने भी इस क्षेत्र में दो बार फतह हासिल की है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि RJD ने एकतरफा उम्मीदवार घोषित कर दिया और इसे ‘महागठबंधन का उम्मीदवार’ बता रही है, जो कि पूरी तरह गलत है। कांग्रेस की इस नाराजगी पर आरजेडी ने भी कड़ा रुख अपनाया है।
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पहले तो नरमी दिखाते हुए कहा कि महागठबंधन के सभी दल आपस में बैठकर बात कर लेंगे और कोई नाराजगी नहीं रहेगी। उन्होंने याद दिलाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में भी रेखा गुप्ता ही आरजेडी के टिकट पर यहाँ से लड़ी थीं, इसलिए पार्टी ने दोबारा उन पर भरोसा जताया है। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों को हकीकत पता है। धरातल पर किसकी कितनी ताकत है, यह सब जानते हैं। चूंकि बांकीपुर आरजेडी की सीट रही है, इसलिए पार्टी ने अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया है।”
मालूम हो कि बीते सोमवार (6 जुलाई 2026) को आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने रेखा गुप्ता को बांकीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि महागठबंधन के सभी घटक दल मिलकर इस चुनाव में सहयोग करेंगे। लेकिन मंगलवार को कांग्रेस के बयानों से यह साफ हो गया है कि सीट शेयरिंग और एकतरफा उम्मीदवारी को लेकर महागठबंधन के दोनों बड़े दलों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बीजेपी ने अभी तक इस सीट पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।