पटना/बेतिया : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनसुराज पार्टी (JSP) के उम्मीदवार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। आगामी 30 जुलाई को होने वाले मतदान से ठीक दो दिन पहले, यानी 28 जुलाई 2026 को उन्हें बेतिया की एक अदालत में पेश होना होगा। भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल द्वारा दायर मानहानि के एक मामले में कोर्ट ने प्रशांत किशोर के खिलाफ सार्वजनिक नोटिस जारी किया है।
अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि प्रशांत किशोर या उनके वकील 28 जुलाई को उपस्थित नहीं होते हैं, तो मामले की सुनवाई एकतरफा की जाएगी। इससे पहले कोर्ट द्वारा भेजे गए समन का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद यह सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया है। यह मामला डैमेज सूट संख्या-2/2025 से जुड़ा है, जिसे भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बेतिया न्यायालय में दर्ज कराया था।
डॉ. जायसवाल का आरोप है कि पीके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक मंचों से उन पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाए थे, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को भारी नुकसान पहुँचा है। पीके ने उन पर नगर निगम के डीजल मामले में संलिप्तता का आरोप लगाया था। कैंटोनमेंट ओवरब्रिज के नक्शे में बदलाव कर अपने निजी पेट्रोल पंप को फायदा पहुँचाने का आरोप भी लगाया गया था। सांसद ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए अदालत से मानहानि और क्षतिपूर्ति की मांग की है।
मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष के दस्तावेज और गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 28 जुलाई को प्रशांत किशोर को अपना पक्ष रखने का आखिरी मौका दिया जाएगा। यदि वे तय तारीख पर उपस्थित होते हैं तो उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, अन्यथा कोर्ट रिकॉर्ड पर उपलब्ध सबूतों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ जाएगा।