नवादा : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बिहार में एक करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे 14 अगस्त, 2026 तक पूर्ण किया जाना है।
इसी क्रम में जिले के सभी 14 प्रखंडों के लिए प्रतिदिन स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित दैनिक लक्ष्य हर हाल में पूर्ण करें, ताकि जिले का लक्ष्य समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिले के सभी महादलित टोलों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी), आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तथा अन्य चिन्हित स्थलों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान चलाया जाए।
इसके लिए जिला कल्याण विभाग से महादलित टोलों की अद्यतन सूची प्राप्त कर प्रत्येक महादलित टोले में विशेष शिविर लगाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के दस प्रमुख लक्षणों के आधार पर संभावित मरीजों की पहचान की जाए। जिन व्यक्तियों को दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी, लगातार बुखार, वजन में कमी, सीने में दर्द अथवा अन्य टीबी संबंधी लक्षण हों, उनका चेस्ट एक्स-रे सहित आवश्यक जांच कराई जाए। आवश्यकता अनुसार बलगम का नमूना संग्रह कर सीबी-नाट (CBNAAT) अथवा ट्रूनैट (TrueNat) जांच के लिए भेजा जाए, ताकि समय पर टीबी की पुष्टि कर उपचार प्रारंभ किया जा सके।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि आयुष्मान आरोग्य शिविरों में 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI), रक्तचाप (BP), हीमोग्लोबिन (Hb) एवं ब्लड शुगर की जांच भी नियमित रूप से की जाए, जिससे अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की भी समय पर पहचान हो सके। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक दिन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अभियान को मिशन मोड में संचालित करें और निर्धारित दैनिक लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें।
सभी प्रभारी पदाधिकारी अपने संस्थान के ओपीडी में आने वाले लोगों की भी स्क्रीनिंग कराना सुनिश्चित करेंगे। टीबी के मरीजों के परिवार तथा आसपास के लोगों को टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट किया जाए तथा तीन माह तक उन्हें भी टीबी रोकथाम की दवा खाने को प्रेरित किया जाये। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि स्क्रीनिंग, एक्स-रे, जांच, संभावित टीबी मरीजों की पहचान एवं उपचार से संबंधित सभी विवरण प्रतिदिन निक्षय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। साथ ही अभियान की नियमित मॉनिटरिंग एवं दैनिक समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर शिथिलता न रहे।
बैठक में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देश दिया गया कि अभियान को जनभागीदारी के साथ प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए 14 अगस्त, 2026 तक निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें तथा टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। जिलाअधिकारी द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा कर कमी को दूर करने का आश्वासन दिया। बैठक में सीडीओ डॉ0 माला सिन्हा, डीपीएम अमित कुमार, डीपीएस इकबाल हुसैन, STS अखिलेश कुमार, DFU राजीव कुमार, WJfoundation आशुतोष कुमार उपस्थित थे। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सभी एमओआईसी जुड़े थे।
भईया जी की रिपोर्ट