नवादा : रिश्तों की मिठास और नोकझोंक के किस्से अक्सर सुनने को मिलते हैं, लेकिन नवादा में सामने आया ”जीजा–साला प्रकरण” अब सीधे थाना और प्राथमिकी तक पहुंच गया।व्यवहार न्यायालय परिसर के बाहर खड़ी बाइक अचानक गायब होने से जहां जीजा के पैरों तले जमीन खिसक गई, वहीं कुछ ही देर बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। जानकारी के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र स्थित व्यवहार न्यायालय में नरहट थाना क्षेत्र के नारायणपुर निवासी कुंदन कुमार किसी मुकदमे की पैरवी के सिलसिले में पहुंचे थे। उन्होंने अपनी बाइक कोर्ट गेट के सामने सड़क किनारे खड़ी की और न्यायालय परिसर के भीतर चले गए।
गुमटी संचालक के मोबाइल वीडियो से खुला राज
कुछ देर बाद जब पीड़ित कुंदन कुमार वापस लौटे तो निर्धारित स्थान से उनकी बाइकगायब थी। पहले तो उन्होंने घबराकर इधर-उधर काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई सफलता नहीं मिली। इसी दौरान पास की एक गुमटी (दुकान) के संचालक ने बताया कि एक संदिग्ध युवक उनकी बाइक लॉक खोलकर लेकर जाता दिखाई दिया था। सजगता बरतते हुए एहतियातन उसने अपने मोबाइल फोन से उस युवक का एक छोटा सा वीडियो भी बना लिया था। जब पीड़ित कुंदन ने दुकानदार के मोबाइल में वह वीडियो देखा तो उनके होश उड़ गए।
साले के खिलाफ जीजा ने दर्ज कराया चोरी की प्राथमिकी
वीडियो फुटेज के अनुसार बाइक लेकर जाने वाला युवक कोई और नहीं, बल्कि उनका अपना साला था। इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद पीड़ित सीधे नगर थाना पहुंचा और आवेदन देकर गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़गांव निवासी परशुराम सिंह उर्फ गुड्डू सिंह के पुत्र रविशंकर भारती को नामजद करते हुए बाइक चोरी का गंभीर आरोप लगाया। थाने में दिए गए आवेदन में पीड़ित द्वारा अपनी बाइक सकुशल बरामद कराने और आरोपी साले के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
पारिवारिक विवाद या चोरी, हर पहलू की जांच में जुटी पुलिस
नगर थाना पुलिस ने प्राप्त आवेदन के आधार पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरे अनोखे प्रकरण की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है तथा उपलब्ध कराए गए वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह ”जीजा-साला” का दिलचस्प मामला जिले में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें पुलिसिया जांच पर टिकी हैं कि आखिर यह मामला आपसी पारिवारिक विवाद का है, किसी गलतफहमी का है या फिर वास्तव में प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होती है।
भईया जी की रिपोर्ट