पटना। बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सूबे की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने सीधा आरोप लगाया कि यह एनकाउंटर मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के कहने पर हुआ है और इसके लिए बाकायदा एक बड़े अधिकारी के जरिए मैसेज भेजा गया था।
तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा, सरकार केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है। यहां न तो कोई सुनवाई होती है और न ही सही कार्रवाई। बिना मुख्यमंत्री की अनुमति के किसी की हिम्मत नहीं है कि ऐसा कदम उठाए। गृह मंत्री वही (सम्राट चौधरी) हैं। एक बड़े अधिकारी के द्वारा मैसेज भेजे जाने के बाद ही यह एनकाउंटर हुआ है।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष का यह तीखा बयान शाहपुर के तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा को मिली नई पोस्टिंग के बाद आया है। मालूम हो कि भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में एसडीपीओ राजेश शर्मा पर FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद उन्हें पुलिस मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था। हालांकि, बीते बुधवार को सरकार ने उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपते हुए मद्य निषेध व स्वापक नियंत्रण ब्यूरो इकाई में डीएसपी के पद पर तैनात कर दिया है। इसी ट्रांसफर-पोस्टिंग को आधार बनाकर तेजस्वी यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।
एक तरफ जहां एनकाउंटर में शामिल रहे अधिकारी को नई पोस्टिंग मिलने से पुलिस महकमे की रूटीन प्रक्रिया पूरी हुई है, वहीं विपक्ष इसे ‘दागी अधिकारियों को बचाने’ और ‘प्रायोजित कार्रवाई’ का नाम दे रहा है। तेजस्वी यादव के इस गंभीर आरोप के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।