शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और पदस्थापना के लिए नया मानक किया है। इसके तहत अब स्कूलों में शिक्षकों की संख्या अनुमानित न होकर छात्रों के वास्तविक नामांकन पर निर्भर करेगी। छात्र संख्या बढ़ने पर शिक्षकों की नियुक्ति और संख्या भी बढ़ाई जाएगी। बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 तक शिक्षकों की उपलब्धता को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत अब स्कूलों में न्यूनतम टीचरों की संख्या तय कर दी गई है। शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में पहली से आठवीं तक के स्कूलों में शिक्षकों की संख्या का निर्धारण 1—5 और 6—8 के लिए अलग—अलग होगा। अब प्रत्येक कक्षा के लिए कम से कम एक शिक्षक की अनिवार्यता होगी, जबकि विषयों के अनुसार अलग-अलग शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी। इसमें 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान एवं गणित, सामाजिक अध्ययन और भाषा विषयों के लिए अलग-अलग शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे।
दरअसल, शिक्षा विभाग की समीक्षा में पाया गया कि राज्य के कई विद्यालयों में निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है जिसके तहत वास्तविक नामांकन संख्या, कक्षा संरचना और विषयों की जरूरत के आधार पर अब स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। नए मानक के अनुसार प्रत्येक कक्षा में न्यूनतम एक शिक्षक और छात्र संख्या बढ़ने पर अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। यदि किसी स्कूल में 105 से 140 छात्र होंगे तो वहां एक अतिरिक्त अंग्रेजी शिक्षक नियुक्ति किया जाएगा। जबकि छात्रों की संख्या 140 से 175 होगी तो एक और अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा। यह अतिरिक्त शिक्षक छात्रों की आवश्यकता के अनुसार संस्कृत या उर्दू विषय का होगा। वहीं कक्षा 1 से 8 तक के प्रारंभिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक का पद एक ही रहेगा।
इसको लेकर प्राथमिक शिक्षा निदेशक की ओर से एक पत्र जारी किया गया है जिसमें सभी जिला पदाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को नए मानकों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। शिक्षा विभाग के सचिव ने इस नए शिक्षक निर्धारण मानक को मंजूरी दे दी है और अब राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में इसी व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही बीते दिन शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने वित्तीय अनियमितता और लापरवाही के आरोप में शिक्षा विभाग के 6 अफसरों और कर्मियों पर कार्रवाई का आदेश भी जारी किया। इसमें वेतन—पेंशन में कटौती और वेतन वृद्धि पर रोक की अनुशंसा की गई है।