पटना/भुवनेश्वर : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भुवनेश्वर के कटकपुरी रोड स्थित टेरापंथ भवन में “योग एवं आहार द्वारा रोगों की रोकथाम एवं प्रबंधन” विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कायसुखम एवं कैट (CAIT) भुवनेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध योग चिकित्सक नरेश कुमार अग्रवाल ने किया। योग में स्नातकोत्तर श्री अग्रवाल एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट, कॉस्ट अकाउंटेंट एवं कंपनी सेक्रेटरी भी हैं।
उन्होंने अपने व्यावसायिक क्षेत्र के साथ-साथ योग चिकित्सा को समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का प्रमुख माध्यम बनाया है। अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने कहा कि योगासन, प्राणायाम एवं संतुलित आहार के माध्यम से अनेक प्रकार के रोगों की रोकथाम तथा उनके प्रभावी प्रबंधन में सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि मानव शरीर में स्वयं को स्वस्थ करने की अद्भुत क्षमता होती है, बशर्ते उसकी मूलभूत प्रणालियों को सही ढंग से कार्य करने योग्य बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए शरीर की तीन प्रमुख प्रणालियों—पाचन तंत्र, रक्त परिसंचरण तंत्र एवं श्वसन तंत्र—का संतुलित एवं सुदृढ़ होना आवश्यक है। उनके अनुसार पाचन तंत्र को उचित आहार एवं भोजन पद्धति से, रक्त परिसंचरण तंत्र को योगासनों से तथा श्वसन तंत्र को प्राणायाम के माध्यम से मजबूत बनाया जा सकता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि जब ये तीनों प्रणालियां सुचारु रूप से कार्य करती हैं, तब शरीर की अन्य प्रणालियां भी बेहतर ढंग से कार्य करने लगती हैं, जिससे जीवनशैली जनित रोगों एवं दीर्घकालिक बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन संभव हो पाता है।
कार्यशाला में व्यापारिक समुदाय के सदस्यों, योग प्रेमियों, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिकों तथा कैट भुवनेश्वर के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने योग एवं आहार आधारित स्वास्थ्य संरक्षण के इस व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प व्यक्त किया।
सत्यनारायण चतुर्वेदी की रिपोर्ट