नवादा : बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने सरकारी अस्पतालों को पहले ही रेफर करने के रवैये से बाज आने के लिए कह रखा है। लेकिन फिर इसी रवैये ने एक महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान ले ली। मामला नवादा जिले के पकरीबरामा थाना क्षेत्र स्थित पीएससी अस्पताल का है। इसे लापरवाही न कहें तो और क्या कहें कि अस्पताल ने 9 महीने की गर्भवती महिला को 22 किलोमीटर दूर रेफर कर दिया।
22 किमी दूर किया रेफर, जच्चा-बच्चा दोनों की मौत
गुरुवार को इस घटना के बाद महिला के घर में मातम पसर गया। मृतक महिला की पहचान पकरीबरामा निवासी मोहम्मद शाहिद की 28 वर्षीय पत्नी सबिहा खातून के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पीएससी अस्पताल में सबिहा को उचित इलाज नहीं मिला, जिसके कारण उन्हें रेफर किया गया और रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
मृतका के पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पीएससी अस्पताल छोटी-छोटी बीमारियों में भी मरीजों को तुरंत रेफर कर देता है, जिससे लंबी दूरी तय करने के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ जाती है और कई बार मौत हो जाती है।
अस्पताल में गर्भवती मृत घोषित
रेफर के बाद महिला को सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर संतोष कुमार ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि महिला को पीएससी अस्पताल से रेफर किया गया था। परिजनों ने बताया कि सदर अस्पताल में कोई महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थी। पहले तो पीएससी ने 22 किलोमीटर दूर रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में भी कोई लेडी डॉक्टर मौजूद नहीं थीं। जिले की इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गर्भवती महिलाओं को भी पीएससी अस्पताल में उचित सुविधा नहीं मिल पाती है, तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को दर्शाता है।
सरकार ने मना किया था, फिर भी रेफर क्यों?
बिहार सरकार ने बिना उचित कारण के मरीजों को सीधे बड़े अस्पतालों में रेफर करने की मनमानी प्रथा पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए है। लेकिन इसका उल्टा नवादा में देखने को मिलता है। ज्यादातर मरीजों को रेफर किया जाता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि साधारण मरीजों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही होना चाहिए और केवल आपातकालीन मामलों में ही सख्त नियमों के तहत रेफर किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिलता है। और एक बार फिर इस घटना ने फिर से सरकार की पूरी सिस्टम पर सवाल उठा दिया है।
भईया जी की रिपोर्ट