राजद सुप्रीमो लालू यादव ने पूर्व मंत्री और RJD के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। पार्टी नेतृत्व के इस फैसले और वरिष्ठ नेताओं की बातचीत के बाद अब यह साफ हो गया है कि शिवचंद्र राम राजद के साथ बने रहेंगे और पार्टी में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां पहले की तरह ही निभाते रहेंगे।
इस पूरे विवाद की शुरुआत एमएलसी चुनाव के लिए राजद का टिकट शिवचंद्र राम की जगह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई सुनील सिंह को दिये जाने के बाद हुई थी। शिवचंद्र राम को उम्मीद थी कि पार्टी इस बार उन्हें उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन उन्हें गहरा झटका लगा।
कैमरे के सामने रोने लगे शिवचंद्र राम
जब सुनील सिंह ने राजद के MLC उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया तब शिवचंद्र राम ने प्रेस के सामने अपना दर्द बयां करते हुए इस्तीफे का ऐलान कर दिया।पार्टी के भीतर अनदेखी और सम्मान न मिलने का आरोप लगाते हुए शिवचंद्र राम प्रेस कांफ्रेंस में ही भावुक हो गए और कैमरों के सामने फूट-फूट कर रोने लगे। इस दौरान उन्होंने राजद के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने लालू और तेजस्वी पर अपने वादे से मुकरने का आरोप भी लगाया। बाद में अचानक उनकी तबीयत भी बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा जहां इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ।
RJD पार्टी के मुख्य सचेतक ने मनाया
शिवचंद्र राम के इस तरह पार्टी से इस्तीफा देने के बाद राजद का शीर्ष नेतृत्व डैमेज-कंट्रोल में जुट गया। पार्टी के मुख्य सचेतक सर्वजीत पासवान ने कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ शिवचंद्र राम से विस्तार से बातचीत की। नेताओं ने उन्हें भरोसा दिलाया कि लालू परिवार और पूरी पार्टी उनके साथ है। आखिरकार वे नाराज नेता को मनाने में सफल रहे। इसके बाद पटना में राजद के प्रवक्ता ने ऐलान किया कि पार्टी सुप्रीमो लालू यादव ने शिवचंद्र राम के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया है।