बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में बीजेपी और जेडीयू के बाद चिराग पासवान की पार्टी एलजेपीआर ने भी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। चिराग पासवान की पाटी ने इस बार एक अल्पसंख्यक को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशफाक अंसारी को लोजपा (आर) ने विधान परिषद प्रत्याशी घोषित किया है। लोजपा आर द्वारा एक अल्पसंख्यक को मैदान में उतारने से महागठबंधन खेमे में टेंशन थोड़ बढ़ गई है। एलजेपी आर के प्रधान महासचिव अब्दुल खालिक ने जानकारी दी कि केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड ने विधान परिषद के प्रस्तावित द्विवार्षिक चुनाव 2026 के संदर्भ में कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाया है। एनडीए में भाजपा और जदयू ने पहले ही अपने—अपने चार—चार उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
एनडीए की सूची में भाजपा ने भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह, संजय मयूख, शीला मंडल और अनिल ठाकुर तो जदयू ने निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। मालूम हो कि विधान परिषद् की खाली हो रही नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट जो नीतीश कुमार ने छोड़ी है, उस पर उपचुनाव होना है। नामांकन में दो दिन शेष बचे हैं। एनडीए ने नौ सीटों पर उम्मीदवार उतार दिया है। एक सीट पर रालोमो से दीपक प्रकाश उम्मीवार बनाए जाएंगे। इधर, महागठबंधन को एक सीट पर उम्मीदवार देना है लेकिन अब तक नाम फाइनल नहीं हुआ है क्योंकि अंतिम फैसला तेजस्वी को लेना है।
बताया जाता है कि महागठबंधन में तेजस्वी दलित समाज से आने वाले शिवचंद्र राम को टिकट देना चाहते हैं। लेकिन, राबड़ी देवी तेज प्रताप यादव को भेजना चाहती हैं। इस बीच एनडीए ने सबको चौंकाते हुए महागठबंधन के सामने एक मुस्लिम उम्मीदवार उतार दिया। इससे स्थिति ठीक वैसे ही हो गई है कि जैसे राज्यसभा चुनाव में हुआ था। तब पांचवीं सीट पर राजद उम्मीवार अमरेंद्र धारी सिंह और भाजपा उम्मीदवार शिवेश राम के बीच मुकाबला हुआ था। इसमें भाजपा उम्मीदवार की जीत हुई थी। विधान परिषद् चुनाव में भी ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो रही है। यानी एक सीट पर एनडीए और महागठबंधन के बीच टक्कर तय है।