नवादा : जिले के रजौली थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और लापरवाही के कारण हरदिया पंचायत के न्यू सिंगर गांव के 20 वर्षीय युवक की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गयी। मृतक की पहचान प्रदीप राजवंशी के पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है।घटना के बाद से पूरे परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।
6 महीने पहले हुई थी शादी, ओझा के चक्कर में गयी जान
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रंजीत कुमार की तबीयत बुधवार की शाम से ही अचानक बिगड़ने लगी थी। गुरुवार की सुबह जब उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई, तो परिजनों ने अस्पताल जाने के बजाय पारंपरिक झाड़-फूंक के लिए एक ओझा (तांत्रिक) को घर बुला लिया।
ओझा ने खड़े किए हाथ:- युवक की मरणासन्न हालत को देखकर ओझा ने झाड़-फूंक करने से मना कर दिया और सर्पदंश (सांप काटने) की आशंका जताते हुए तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
अस्पताल में मृत घोषित:– इसके बाद परिजन आनन-फानन में सुबह करीब 8 बजे उसे रजौली अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. बरकत अली ने जांच के बाद रंजीत को मृत घोषित कर दिया।
उजड़ गई दुनिया: ग्रामीणों ने बताया कि रंजीत की शादी महज 6 महीने पहले हुई थी और उसकी पत्नी अभी गर्भवती है। बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही उसके सर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
पोस्टमार्टम से इनकार पड़ा भारी, पहले भी एक लड़की गंवा चुकी है मुआवजा
स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले बीते 22 मई को भी ककोलतिया जंगल में लकड़ी बीनने गई हरदिया के कचहरियाडीह निवासी नरेश राजवंशी की 17 वर्षीय पुत्री ललती कुमारी की मौत सांप के काटने से हो गई थी। लेकिन उस समय अंधविश्वास और अज्ञानता के कारण परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया था। प्रशासनिक चूक की वजह से पीड़ित परिवार को सरकार की तरफ से मिलने वाली बड़ी आर्थिक सहायता राशि नहीं मिल सकी थी।
सीओ ने कहा: प्राथमिकी दर्ज कराएं, सर्पदंश पर सरकार देती है 4 लाख रुपये
मामले की जानकारी मिलते ही अंचल अधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने संज्ञान लिया। उन्होंने बताया कि युवक की मौत की सूचना मिली है और परिजन इसे सांप काटने का मामला बता रहे हैं। सीओ ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए शव का पोस्टमार्टम कराने और थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चलेगा।
सीओ ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि बिहार सरकार के नियमों के तहत सर्पदंश से मौत होने पर मृतक के आश्रित परिजनों को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 4 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाती है। थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रणजीत कुमार ने बताया कि जैसे ही पीड़ित परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त होता है, पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजेगी और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
भईया जी की रिपोर्ट