अरवल – जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति, अरवल अमृषा बैंस की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रभावी अनुपालन हेतु नगर निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों का वर्चुअल उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गीला, सूखा, सेनेटरी तथा विशेष घरेलू कचरे के स्रोत पर पृथक्करण एवं उनके वैज्ञानिक निपटान के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
साथ ही हरे, नीले, लाल एवं काले डस्टबिन के उपयोग और कचरा प्रबंधन की नई व्यवस्था के बारे में भी अवगत कराया गया। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े कचरा उत्पादकों (Bulk Waste Generators) की पहचान कर उन्हें केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने हेतु निर्देशित किया गया। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के तहत 01 अप्रैल 2026 से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे का चार श्रेणियों में पृथक्करण कर स्रोत स्तर पर प्रसंस्करण (Processing) को बढ़ावा दिया जा रहा है। बड़े कचरा उत्पादकों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रत्येक वर्ष 30 जून तक वार्षिक प्रतिवेदन जमा करना अनिवार्य किया गया है।
नियमावली के अनुसार निम्नलिखित संस्थानों को बड़े कचरा उत्पादक की श्रेणी में रखा गया है कार्यालय एवं सरकारी संस्थान, शैक्षणिक संस्थान, विद्यालय एवं महाविद्यालय, बड़ी आवासीय कॉलोनियों एवं हाउसिंग सोसाइटी, रेलवे स्टेशन, बस डिपो, हवाई अड्डे एवं बंदरगाह, होटल, अस्पताल, मॉल, थोक बाजार एवं मांस-मछली बाजार, स्टेडियम, बारात घर, कन्वेंशन हॉल, प्रदर्शनी केंद्र एवं पर्यटन स्थल। इसके अतिरिक्त जिन संस्थानों का निर्मित क्षेत्रफल 20,000 वर्ग मीटर से अधिक हो, प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक जल उपयोग होता हो अथवा 100 किलोग्राम से अधिक ठोस अपशिष्ट उत्पन्न होता हो, उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत क्रियान्वयन समितियों से अनुरोध किया कि वे लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों का सतत संचालन सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक घर से नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएं। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, निदेशक डीआरडीए, जिला समन्वयक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत सचिव, स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
देवेंद्र कुमार की रिपोर्ट