– क्राइसिस मैनेजमेंट गुरु अमित शाह को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए : शक्ति यादव
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने, पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और रासायनिक खादों का इस्तेमाल घटाने जैसी अपीलों ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। जहाँ एक ओर विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर इस अपील का विरोध किया, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे केंद्र सरकार की विफलताओं को छिपाने का प्रयास बताया है।
आरजेडी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘देर से जागा हुआ ज्ञान’ करार दिया। उन्होंने कहा, “देश पिछले तीन महीनों से आर्थिक संकट की आहट सुन रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री पांच राज्यों के चुनाव में व्यस्त थे। जब चुनाव प्रचार में हेलिकॉप्टर, जहाज और बड़े-बड़े काफिलों में फ्यूल बहाया जा रहा था, तब उन्हें तेल बचाने की याद क्यों नहीं आई?” वहीं, उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर भाजपा अमित शाह को ‘क्राइसिस मैनेजमेंट गुरु’ मानती है, तो संकट की इस घड़ी में उन्हें ही प्रधानमंत्री बनाकर मोदी जी को छुट्टी दे देनी चाहिए।
शक्ति यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री खुद ठंडे प्रदेशों में छुट्टी मनाने निकल जाते हैं और जनता को उपदेश देते हैं। बिहार की ‘सम्राट कैबिनेट’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ पीएम तेल बचाने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सचिवालय में कैबिनेट की बैठक के लिए 32 मंत्री करीब 100 गाड़ियों का काफिला लेकर पहुँचते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अपने मंत्री ही प्रधानमंत्री की अपील को अनसुना कर रहे हैं।
शक्ति सिंह ने पीएम की अपील की तुलना कोरोना काल में ‘थाली बजाने’ के आह्वान से की। उन्होंने आगाह किया कि सरकार देश में फिर से लॉकडाउन जैसी स्थितियाँ पैदा करना चाह रही है और जनता को मानसिक गुलामी की ओर धकेल रही है। उन्होंने चीन और अमेरिका की बढ़ती नजदीकियों का हवाला देते हुए विदेश नीति को लचर बताया और कहा कि आज देश जिस आर्थिक संकट के काले साये में है, वह सरकार के नकारेपन का नतीजा है।