बिहार में कई वर्षों से पूर्ण शराबबंदी है, लेकिन जिस पुलिस पर इसे सख्ती से लागू करने का जिम्मा है, अगर उसी के दो जवान खुलेआम अवैध शराब की तस्करी में पकड़े जाएं तो सिस्टम पर सवाल उठना लाजिमी है। गोपालगंज जिले से ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां गोपालपुर थाना पुलिस ने वाहन जांच के दौरान 300 लीटर से अधिक विदेशी शराब के साथ दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पुलिसकर्मी एक लग्जरी कार में शराब की तस्करी करते रंगे हाथों गिरफ्तार किये गए हैं। अवैध शराब की तस्करी करते दबोचे गए जवानों में से एक अमित कुमार JDU विधायक मंजीत सिंह का सरकारी बॉडीगार्ड है, जबकि दूसरा जवान राहुल कुमार SP कार्यालय के टेक्निकल सेल में तैनात बताया जाता है।
300 लीटर विदेशी दारू और लग्जरी कार जब्त
जानकारी के अनुसार बीती देर रात गोपालपुर पुलिस यूपी-बिहार बॉर्डर पर वाहनों की तलाशी कर रही थी। रात करीब साढ़े 12 बजे एक निजी ब्रेजा कार को पुलिस ने रोका। जांच के दौरान कार से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद हुई।गोपालगंज सदर एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपी जवान अमित कुमार विधायक आवास की ड्यूटी छोड़कर एसपी आफिस में तैनात सिपाही राहुल के साथ यूपी से शराब की खेप लाने गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद मामला और भी हाई-प्रोफाइल बन गया। बताया जा रहा है कि अमित कुमार बैकुंठपुर से जेडीयू विधायक मंजीत सिंह का अंगरक्षक था। जांच में खुलासा हुआ कि वह देर रात विधायक आवास की ड्यूटी छोड़कर निजी वाहन से उत्तर प्रदेश शराब की खेप लेने गया था। वहीं, दूसरा आरोपी राहुल कुमार गोपालगंज एसपी की टेक्निकल सेल में तैनात था। दोनों बिहार सीमा में प्रवेश करते ही पुलिस जांच के दौरान पकड़े गए। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है और कोर्ट में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
मुझे पहले से था शक : विधायक मंजीत सिंह
इस मामले पर जब JDU विधायक मंजीत सिंह से सवाल किया गया, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। विधायक ने कहा कि उन्हें अपने बॉडीगार्ड अमित की हरकतों पर पहले से संदेह था। उन्होंने दावा किया कि चार दिन पहले ही उन्होंने अमित को ड्यूटी से हटाने के लिए विभाग को पत्र लिखा था, लेकिन उस पर कार्रवाई होने से पहले ही वह शराब तस्करी में पकड़ा गया। इधर पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। विदित हो कि गोपालगंज में पुलिसकर्मियों की शराब तस्करी में संलिप्तता का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कुचायकोट के तत्कालीन थानाध्यक्ष रितेश कुमार सिंह को भी शराब मामले में दोषी पाए जाने पर बर्खास्त किया जा चुका है।