राजधानी पटना से सटे बिहटा में पुलिस ने बीती देर रात 2 कुख्यात अपराधियों का हाफ एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने दौड़ाकर दोनों के पैर में गोली मार दी और उन्हें दबोच लिया। दबोचे गए दोनों अपराधी शार्प शूटर बताए जाते हैं और उनकी पहचान कुख्यात विदेशी राय और पप्पू राय के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार दोनों को पीछा कर पुलिस ने गोली मारी। गोली अपराधियों के पैर में लगी जिसके बाद उन्हें पटना एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि दोनों किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। लेकिन उससे पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गई। विदेशी राय और पप्पू राय पर हत्या समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस ने घटनास्थल से कई हथियार भी बरामद किए हैं।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए शूटर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक STF को सूचना मिली थी कि बिहटा इलाके में दो अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं। पटना के एसएसपी ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों का लोकेशन ट्रैक किया। कुख्यात अपराधियों की लोकेशन बिहटा के आनंदपुर गांव स्थित बांध के पास मिली, जिसके बाद पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दोनों बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की। खुद को घिरता देख दोनों अपराधियों ने भागने के दौरान पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जो दोनों बदमाशों के पैर में लगी। इसके बाद पुलिस घायल अपराधियों को बिहटा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए पटना एम्स रेफर कर दिया गया।
एनकाउंटर में ढेर हो रहे कुख्यात अपराधी
बिहार में पिछले 2 माह के दौरान पुलिस ने आपरेशन लंगड़ा के तहत करीब 8 से अधिक नामी बदमाशों को गोली मारने के बाद दबोचा है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने दो माह पूर्व वैशाली में एक ऑपरेशन के दौरान कुख्यात अपराधी प्रिंस उर्फ अभिजीत को मार गिराया। वह सोना लूट, हत्या और डकैती के 30 से अधिक मामलों में फरार था और उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके बाद 17 मार्च को मोतिहारी के चकिया में पुलिस मुठभेड़ के दौरान कुंदन ठाकुर और प्रियांश दुबे को ढेर कर दिया गया। बताया जाता है कि घटना से एक दिन पहले कुंदन ठाकुर ने चकिया के अपर थानाध्यक्ष को फोन कर धमकी दी थी। इस एनकाउंटर में एसटीएफ के जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई और वे शहीद हो गए। 29 अप्रैल को पटना पुलिस ने भागलपुर के कुख्यात अपराधी रामधनी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। वह सुल्तानगंज नगर परिषद गोलीकांड का मुख्य आरोपी था। उसने अपने साथियों के साथ कार्यालय में घुसकर दिनदहाड़े फायरिंग की थी, जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी की मौत हो गई थी, जबकि सभापति गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना के अगले ही दिन सीवान में पूर्व एमएलसी मनोज कुमार सिंह के भांजे की हत्या के आरोपी छोटू कुमार यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी।