-आवासीय प्रमाण पत्र के लिए जमीन के कागजात जरूरी
नवादा : जिले में जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा सख्त कर दी गई है। सरकार के नए निर्देश के तहत आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। यदि आवेदन के साथ आवश्यक कागजात नहीं दिए गए तो आवेदन सीधे रद्द कर दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य फर्जी प्रमाण पत्रों पर रोक लगाना और वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
आवासीय प्रमाण पत्र के लिए जमीन के कागजात जरूरी
नए नियम के मुताबिक आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए निवास संबंधी वैध दस्तावेज देना होगा। आवेदक को जमीन के कागजात या अन्य स्वीकृत दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आय प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के साथ आय संबंधी प्रमाण भी जरूरी कर दिए गए हैं। सरकार ने सैलरी स्लिप, आय प्रमाण पत्र या अन्य संबंधित दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य बताया है।
:जाति प्रमाण पत्र में खतियान अनिवार्य
जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब खतियान देना जरूरी होगा। यदि जमीन पिता, दादा या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर है तो आवेदक को वंशावली भी जमा करनी होगी। सरकार ने खतियान, दान पत्र और भूमिहीनों को आवंटित जमीन के दस्तावेजों को भी मान्य माना है। अधिकारियों का कहना है कि इससे फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने पर काफी हद तक रोक लगेगी।
जमीन के कागजात नहीं तो होगा स्थल निरीक्षण
जिन लोगों के पास जमीन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें भी आवेदन का मौका दिया गया है। ऐसे मामलों में आवेदक स्थल निरीक्षण का विकल्प चुन सकते हैं। इसके बाद राजस्व कर्मी मौके पर पहुंचकर जांच और सत्यापन करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
नए नियम से बढ़ी लोगों की परेशानी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रों और आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई आवेदकों का कहना है कि परिवार में जमीन का बंटवारा नहीं होने के कारण खतियान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इस वजह से प्रमाण पत्र बनवाने में देरी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों के पास पुराने दस्तावेज भी नहीं हैं, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
भईया जी की रिपोर्ट