नवादा : जिले में कार्यरत चौकीदारों को थानाध्यक्षों की दलाली करना महंगा साबित होने लगा है। हालात यह है कि चौकीदारों का दुश्मन कोई और नहीं चौकीदार बन बैठा है। जब अपने ही बेगाना होने लगे हैं तो जानलेवा हमले आरंभ हो गये हैं। हालात यह कि इसकी कीमत एक चौकीदार को जान देकर चुकानी पड़ी पर एक जीवन मौत से संघर्ष कर रहा है। जी हां! यहां हम बात कर रहे हैं कादिरगंज व धमौल थाना की। अवैध बालू कारोबारियों व शराब माफियाओं का दुस्साहस लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 4 बजे से लेकर 7 बजे तक जिले के कई इलाकों में अवैध बालू लदे ट्रैक्टर खुलेआम तेज रफ्तार में दौड़ते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाई स्पीड ट्रैक्टर कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसी बीच कादिरगंज थाना क्षेत्र के बेरमी गांव में बालू माफियाओं का खौफनाक चेहरा सामने आया। अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को पकड़ने पहुंचे कादिरगंज थाना में कार्यरत चौकीदार रामानंद प्रसाद पर बालू माफियाओं ने हमला कर दिया। आरोप है कि माफियाओं ने चौकीदार की बेरहमी से पिटाई कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिले में जिस तरह खुलेआम अवैध बालू का कारोबार चल रहा है, वह बिना पुलिस संरक्षण के संभव नहीं है। लोगों ने प्रशासन से अवैध बालू कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं कादिरगंज थाना के थाना प्रभारी अवध किशोर ने बताया कि इस मामले में पीड़ित द्वारा आवेदन दिया गया है। आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है तथा आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध बालू व शराब माफियाओं पर नकेल नहीं कसी गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भयावह हो सकती है।
दूसरी ओर धमौल थाना के सामने शराब माफियाओं ने चौकीदार की तेज धारदार हथियार से हत्या कर दी। आश्चर्य यह कि थाने में बैठे पुलिस पदाधिकारियों से लेकर पुलिस जवानों तक ने नोटिस तक नहीं ली और अपराधी बारदात को अंजाम देकर आराम से चलते बने। एसपी साहब! ऐसे पुलिस पदाधिकारियों पर आपको भरोसा हो सकता है लेकिन जिले के नागरिकों को तनीक भरोसा नहीं है। रजौली थाने में कार्यरत दो चौकीदारों को थाना से नहीं हटाया गया तो कब क्या हो जाय कहना मुश्किल है। आवश्यकता है सतर्क होने की बर्ना मारे गए चौकीदार की आत्मा कभी ऐसे थानेदारों को माफ नहीं करेगी।
भईया जी की रिपोर्ट