नवादा : जिले के लोगों का वर्षों पुराना सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। नवादा-पावापुरी नई रेल लाइन परियोजना को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है।नई रेल लाइन के जुड़ने से नवादा स्टेशन के जंक्शन बनने का रास्ता साफ हो गया है।
492 करोड़ की योजना से बदलेगी जिले की सूरत
लगभग 25 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना पर करीब 492 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्तमान में नवादा केवल गया–किऊल रेलखंड पर निर्भर है, लेकिन इस नई लाइन के बिछने के बाद नवादा सीधे पावापुरी, बिहारशरीफ और राजगीर रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को नया विकल्प मिलेगा, बल्कि नवादा रेलवे मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी, शुरू हुई जमीन की मापी और सर्वे
रेलवे विभाग के वरीय अभियंता तारकेश्वर प्रसाद ने बताया कि परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दी गई है। संबंधित गांवों में जमीन की मापी और कागजी सर्वे का काम तेजी से किया जा रहा है।रेलवे और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं ताकि समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
पर्यटन और व्यापार को लगेंगे पंख
नयी रेलवे लाइन निर्माण से नवादा को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है,जैसे पावापुरी जैन धर्म का विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। सीधी रेल सेवा होने से देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सफर आसान होगा, साथ ही राजगीर और बिहारशरीफ से सीधा जुड़ाव होने के कारण जिले में व्यापारिक गतिविधियों और माल ढुलाई में तेजी आएगी।
जिलेवासियों में खुशी की लहर
परियोजना की शुरुआत होने से स्थानीय लोगों और व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह है। लोगों का मानना है कि नयी रेलवे लाइन नवादा के आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन को दूर करने में मील का पत्थर साबित होगा । अब सभी की निगाहें निर्माण कार्य शुरू होने की तिथि पर टिकी हैं।
भईया जी की रिपोर्ट