नवादा के धमौल थाने के ठीक सामने बीच सड़क अवैध दारू कारोबार की सूचना देने वाले एक चौकीदार की बीच सड़क चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई है। वारदात को बीती देर शाम तब अंजाम दिया गया जब धमौल थाने में पदस्थापित चौकीदार जितेंद्र पासवान दारू कारोबार की पुलिस को गुप्त सूचना देकर क्षेत्र में जाने के लिए थाने की गेट से निकल सड़क पर पहुंचा था। शराब माफिया और उसके गुर्गों ने अचानक उसे घेर लिया और चौकीदार पर चाकू से तबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में चौकीदार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया जहां से उसे पटना रेफर कर दिया गया। यहां पटना में आज सोमवार की सुबह इलाज के दौरान चौकीदार ने दम तोड़ दिया।
चौकीदार जितेंद्र पासवान धमौल थाना क्षेत्र के ही तुर्कबन गांव का रहने वाला था। जानकारी के मुताबिक थाने के ठीक सामने हमलावरों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। मृतक चौकीदार की पत्नी रेणु देवी ने आरोप लगाया कि इस घटना में तुर्कबन निवासी रामपत यादव, पुत्र आनंदी यादव और कुछ अन्य अज्ञात अपराधियों का हाथ है। चौकीदार की पत्नी का कहना है कि इन्हीं लोगों ने उसके पति को चाकू मार कर जख्मी किया जिससे मौत हुई है। पुलिस ने घायल जितेंद्र पासवान को पकरीबरावां पीएचसी पहुंचाया जहां से उसे पटना रेफर कर दिया गया। पटना में इलाज के दौरान घायल चौकीदार की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार मामला आपसी विवाद का प्रतीत होता है।
नवादा एसपी ने बताया कि इसी साल होली के दिन दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें दोनों ओर से मामले दर्ज किए गए थे। हत्या को इसी विवाद का नतीजा बताया जा रहा है। फिलहाल इस हत्याकांड की जांच के लिए नवादा एसपी ने एक SIT गठित कर दी है। SIT के टीम ने आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी शुरू की है। वहीं तुर्कबन गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है। वर्तमान में गांव में स्थिति सामान्य है और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं तुर्कबन गांव में कैंप कर रहे हैं। विदित हो कि इससे पहले बालू माफिया ने एक पुलिस चौकीदार पर जानलेवा हमला किया था जिसमें चौकीदार अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में चौकीदार रामनंदन प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गया था।