– गंगा की सहायक नदियों को बचाने का लिया जाएगा संकल्प
सारण/डोरीगंज : सारण जिले के डोरीगंज स्थित गंगा, सरयू और सोन नदी के संगम तट पर बसे धार्मिक नगरी चिरांद में इस वर्ष 29 जून को भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जाएगा। विश्व के दुर्लभ पुरातात्विक स्थलों में शुमार चिरांद को काशी और प्रयागराज की तर्ज पर एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक केंद्र माना जाता है। यह महाआरती गंगा दशहरा के बाद ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सरयू जयंती के अवसर पर पिछले 18 वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है।
महाआरती की तैयारी को लेकर रविवार को चिरांद विकास परिषद एवं गंगा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में परिषद के सचिव श्रीराम तिवारी के आवासीय परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन को भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने पर आम सहमति बनी।
गंगा की सहायक नदियों के संरक्षण की चलेगी मुहिम
परिषद के सचिव श्रीराम तिवारी ने कहा कि गंगा की अविरलता उसकी सहायक नदियों पर निर्भर है। जब से सहायक नदियां संकट में आई हैं, तब से भारतीय संस्कृति और प्रकृति की संरक्षिका गंगा माता भी निर्बल होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य गंगा की सहायक नदियों के अस्तित्व की रक्षा का संकल्प लेना है।
उन्होंने बताया कि इस संकल्प को जनअभियान का रूप दिया जाएगा, ताकि गंगा, सोन, सरयू, गंडक, गंडकी, पुनपुन, बागमती और कोशी जैसी नदियों पर निर्भर लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस बार के आयोजन में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सारण की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता परिषद के वरिष्ठ सदस्य श्रीकांत पांडेय ने की। इस अवसर पर राशेश्वर सिंह, विनोद सिंह, बीपीन बिहारी रमन, अतुल कुमार सिंह ‘मुन्ना’, जय दिनेश पांडेय, राजकिशोर प्रसाद, मोहन पासवान, उमेश कुमार, चंदन भक्त, सुशील कुमार पांडेय, मुकेश कुमार सिंह, कालिका राय, ललन राय समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।