नवादा : केंद्र सरकार रेलवे के माध्यम से रेल यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का दावा करती है। यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन नवादा स्टेशन की स्थिति इसके उलट है। यहां रेल यात्रियों को कई बुनियादी सुविधाएं अब तक नहीं मिल पाई है।
अगर हम किउल-गया रेलखंड पर स्थित नवादा रेलवे स्टेशन पर एक नजर डालें तो इस रेलखंड पर नवादा प्रमुख स्टेशन है जिसे विभागीय स्तर पर अमृत भारत स्टेशन के लिए चयन किया गया है। किउल-गया रेलखंड के नवादा स्टेशन पर हाल के दिनों में केंद्र सरकार द्वारा रेलवे विभाग के माध्यम से दोहरीकरण, विद्युतीकरण से लेकर यात्रियों की सुविधा के लिए कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव नवादा स्टेशन पर किया है।
यहां तक की इस रेलखंड से होकर वंदे भारत जैसे हाई स्पीड एक्सप्रेस ट्रेन वाराणसी से देवघर तक परिचालित किया जा रहा है। लेकिन यात्री सुविधाओं की बात करें तो कई सुविधाएं अब भी नदारद हैं। यात्री सुविधाओं की पड़ताल में पाया गया कि मालगोदाम मोहल्ला स्थित नवादा के नए स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। फिलहाल यहां ट्रेन चढ़ने के लिए आने वाले यात्री रेल लाइन पार कर एक प्लेटफार्म से दूसरे पर जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
प्लेटफार्म पर शौचालय की सुविधा नहीं
नवादा रेलवे स्टेशन के एक और दो नंबर प्लेटफार्म पर कई यात्री ट्रेन के इंतजार में बैठे थे। लेकिन शौचालय की व्यवस्था नहीं रहने से कई पुरुष यात्री परेशान दिखे। महिला यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस दौरान नवादा से किउल जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे सुरेंद्र कुमार, पवन सिंह, मंजू देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर शौचालय तक नहीं बनाया गया है।
इसकी जरूरत पड़ने पर बहुत परेशानी है। शौच त्याग के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। इस पर रेलवे के अधिकारी को ध्यान देना चाहिए। वरीय प्रशाखा अभियंता तारकेश्वर प्रसाद ने कि नवादा रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य निरंतर जारी है। यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। बहुत जल्द इसकी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। यात्रियों के लिए प्लेट फार्म पर पोस्ट पेड शौचालय समेत अन्य सुविधा बहुत जल्द उपलब्ध हो जाएगी। रेल यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है।
भईया जी की रिपोर्ट