नवादा : जिले में हाल के दिनों में स्कूली वाहनों से हुई दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में व्यापक जांच अभियान चलाया। जिला परिवहन पदाधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में नवादा, अकबरपुर, रजौली और हिसुआ सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्कूल बसों और वैनों की सघन जांच की गयी। कार्रवाई के दौरान मानकों का उल्लंघन करने वाले 23 वाहनों पर कुल 3,10,800 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जांच में खुली पोल ‘ खतरे में थी बच्चों की जान
दो चरणों में चले इस अभियान के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई वाहन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और इंश्योरेंस के चल रहे थे, तो कई का परमिट तक फेल था। सबसे डराने वाली बात यह रही कि कई गाड़ियों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ओवरलोडिंग की जा रही थी। इसके अलावा, सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम जैसे इमरजेंसी एग्जिट, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र तक गायब मिले। कई नाबालिग चालक बिना वैध लाइसेंस के ही मासूमों की जान जोखिम में डाल रहे थे।
प्रशासन की दो टूक, लापरवाही पर होगी जेल
परिवहन विभाग ने सभी निजी स्कूल संचालकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल प्रशिक्षित और लाइसेंसधारी चालक ही रखे जाएं और वाहनों के सभी दस्तावेज अपडेट होने चाहिए। विभाग ने चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संचालकों पर आगे और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जारी रहेगा अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान थमेगा नहीं। स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में भी इसी तरह औचक निरीक्षण और सघन जांच जारी रहेगी। कार्रवाई ने उन स्कूल प्रबंधकों को सख्त संदेश दिया है जो मुनाफा कमाने के चक्कर में सुरक्षा नियमों को ताक पर रख रहे हैं। वे सतर्क व सावधान हो जाएं।
भईया जी की रिपोर्ट