गोपालगंज मे कुचायकोट विधानसभा सीट से JDU के बाहुबली विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भूमि—कब्जाने के एक मामले में उनकी अग्रिम बेल पीटिशन पर आज विशेष MP-MLA कोर्ट ने विधायक और उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर फिलाहल 7 मई तक के लिए रोक लगा दी है। इस केस में कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद पुलिस विधायक की तलाश में छापेमारी कर रही थी। हालांकि विधायक अब तक पुलिस की पकड़ नहीं आए है और पिछले 15 दिनों से वे लगातार फरार चल रहे हैं। विदित हो कि 6 बार के विधायक पप्पू पांडेय पर 14 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
विधायक के ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
जदयू विधायक पप्पू पांडेय पर जमीन माफियाओं को संरक्षण देने और जाली दस्तावेजों के सहारे जमीन हड़पने के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज है। कोर्ट से इस मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस उनकी तलाश में दनादन छापेमारी कर रही है। इस दौरान कई टीमों ने विधायक के पैतृक आवास, उनके पेट्रोल पंप और कई अन्य ठिकानों पर छापे मारे थे। 13 अप्रैल की सुबह मारे गए छापों के बाद से ही विधायक और उनके भाई सतीश पांडेय फरार चल रहे हैं। इसीबीच अब विधायक ने कानूनी दांव-पेच का सहारा लिया और 7 मई तक कोर्ट से अंतरिम राहत पाने में सफल रहे।
7 मई तक गिरफ्तारी पर कोर्ट से रोक
आज मंगलवार को विधायक द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर गोपालगंज जिला एवं सत्र न्यायाधीश-3 राजेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में सुनवाई हुई। विधायक की ओर से जाने-माने वकील मनन कुमार मिश्रा ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान जब अभियोजन पक्ष ने केस डायरी की जांच के लिए समय मांगा, तो कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक और उनके CA की गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई की तारीख 7 मई तक रोक लगा दी। पूरा मामला मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव के निवासी जितेंद्र कुमार राय द्वारा दर्ज कराई गई एक प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप है कि विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई ने जमीन माफियाओं के साथ मिलकर, जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए बेलवा गांव की रहने वाली किरण सिन्हा की 16.93 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया। इसके अलावा, विधायक के गुंडों पर गोलीबारी करने और कमरों के ताले तोड़कर उन पर जबरदस्ती कब्जा करने का भी आरोप है।