नवादा : जिले में गर्मी बढ़ते ही देसी फ्रीज यानी मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग में इजाफा हुआ है। गर्मी की तपिश से गला तर करने के लिए लोग मिट्टी के घड़े और सुराही की खरीदारी कर रहे हैं। मिट्टी के घड़े की दुकानें सद्भावना चौक सहित शहर के कई स्थानों पर सजी है जहां खरीदारी की भीड़ देखी जा रही है।
बताते चलें कि गर्मी के दिनों में काफी लोग फ्रिज का पानी पीने के बजाय मटके का पानी पीना ज्यादा पसंद करते हैं। घड़े में एक तो मिट्टी का सोंधापन होता है, दूसरे उसके पानी की तासीर अलग होती है। मटके का पानी गला भी खराब नहीं करता। मिट्टी से बने बर्तनों को खरीदने के लिए ज्यादातर युवाओं की भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में मिट्टी के बर्तन बनाने वाले सुकून महसूस कर रहे हैं।
यूं तो आधुनिक युग में नवयुवक मंडली की पहली पसंद फ्रिज में रखे बोतल बंद पानी है लेकिन बुजुर्ग लोगों की पसंद घड़ा का पानी होने से खरीदना मजबूरी बन गया है। वैसे चिकित्सक भी फ्रिज में रखे पानी पीने से मना कर रहे हैं बावजूद युवाओं द्वारा इसकी अनदेखी से विभिन्न प्रकार के रोगों से ग्रसित हो रहे हैं।
भईया जी की रिपोर्ट