नवादा : गरीबों के पेट पर डाका जिले के बहुचर्चित आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल बर्दाश्त नहीं करने का संकल्प लिया है। रजौली के फर्जी पीडीएस विक्रेता योगेन्द्र पासवान समेत रोह व नारदीगंज प्रखंड क्षेत्र के कई पीडीएस विक्रेताओं को कार्रवाई की दहलीज़ पर खड़ा करने के बाद अब मेसकौर प्रखंड क्षेत्र के कई लाभुकों का खाद्यान्न कौआकोल के पीडीएस दुकानों से पास मशीन से फर्जी उठाव को गंभीरता से लिया है।
इस बावत उन्होंने जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में बाद दायर कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगायी है। उनके द्वारा दायर वाद को स्वीकार कर 12 मई को सुनवाई की तिथि निर्धारित कर दी गयी है। जिले में ऐसे एक नहीं कई उदाहरण भरे पड़े हैं जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत फर्जी अनुज्ञप्ति पर वर्षों से खाद्यान्न का उठाव किया जा रहा है। और तो और मृत पीडीएस विक्रेता के नाम खाद्यान्न का उठाव जारी है। वैसे जिले के अखबारों के साथ सोशल मीडिया से जुड़े पत्रकारों द्वारा भी मामला उठाया जा रहा है लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
हाल में गोविंदपुर व हिसुआ विधायक विनीता मेहता व अनिल सिंह द्वारा गोविंदपुर व नरहट खाद्यान्न गोदामों की जांच में अनियमितता का पर्दाफाश किये जाने के बावजूद अबतक कार्रवाई का नहीं होना यह सिद्ध करता हैं लेकिन भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी है कि इसे मिटाना तो दूर कम करना भी संभव नहीं है। ऐसे में लोगों को आरटीआई कार्यकर्ता से आश है। भले ही समय जो लगे लेकिन कार्रवाई तय मानी जा रही है, बशर्ते इमानदार प्रयास हो।
बता दें पीडीएस विक्रेताओं का मनोबल अधिकारियों ने इतना बढ़ा दिया है कि पकरीबरावां के पीडीएस विक्रेता ने तो पत्रकार के विरुद्ध अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी तक दर्ज करा रखी है ताकि कोई उनके काले कारनामों का पर्दाफाश करने का हिम्मत न दिखा सके।
भईया जी की रिपोर्ट