जमुई : समाज में ‘गुरु’ को भगवान का दर्जा दिया गया है, लेकिन जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने इस पवित्र रिश्ते और पेशे को कलंकित कर दिया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान ताश के पत्तों पर दांव लगाते हुए दो सरकारी शिक्षकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में आक्रोश और चर्चा का माहौल है। खैरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार ने गुप्त सूचना के बाद खैरा शिव मंदिर के पीछे स्थित कचरा प्रसंस्करण इकाई के पास कुछ लोग बड़े पैमाने पर जुआ खेल रहे हैं। जिसके बाद थानाध्यक्ष ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच कर छापेमारी की।
पुलिस ने मौके से चार लोगों को रंगे हाथ दबोचा। इनमें सबसे चौंकाने वाला नाम दो सरकारी शिक्षकों का है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, श्रृंगारपुर शिक्षक और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नोनियाटांड के अलावा दीपक मिश्रा और पप्पू साव नामक दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से ताश के पत्ते और नगदी बरामद की है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। समाज में आदर्श पेश करने वालों का ऐसा कृत्य बर्दाश्त नहीं है।
जैसे ही यह खबर फैली कि बच्चों का भविष्य संवारने वाले ‘गुरुजी’ ही जुए के अड्डे पर पकड़े गए हैं, स्थानीय लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जो शिक्षक खुद मर्यादा भूल चुके हों, वे बच्चों को क्या संस्कार देंगे? लोगों ने शिक्षा विभाग से इन शिक्षकों को तुरंत निलंबित करने की मांग की है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं या मार्ग दिखाने वाले ही भटक जाएं, तो समाज का पतन निश्चित है। शिक्षकों का जुए में संलिप्त होना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उस भरोसे की हत्या है जो अभिभावक स्कूल पर करते हैं।